-जिले के 5500 पारा शिक्षकों को पांच माह से नहीं मिला मानदेय -पारा शिक्षकों में आक्रोश, -आर्थिक तंगी के कारण हुसैनाबाद के पारा शिक्षक विंदेश्वर मेहता की हुई मौत, - 21 मई को बीआरसी में किया जायेगा ताला बंदी


पलामू जिले के 55 सौ पारा शिक्षोकों का मानदेय पिछले पांच माह से नहीं मिला है. जिसके कारण पारा शिक्षक भुखमरी के कगार पर हैं, एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला इकाई के राजेश नंदन सिंह ने बताया कि पिछले जनवरी माह से पारा शिक्षकों का मानदेय बाकि है,उन्होंने बताया कि जिले  के लगभग 5500 पारा शिक्षक भुखमरी के कगार पर हैं,मानदेय नहीं मिलने से कई पारा शिक्षक अपनी बेटी की शादी नहीं कर पाये, उन्होंने बताया कि पांडू के उमवि महुआधाम के पारा शिक्षक रमेश ठाकुर एवं रामवि गुआसरई के पारा शिक्षक राजकुमार साह ने अपनी बेटी की शादी तय कर लिया था. इसी वर्ष शादी करनी थी लेकिन पांच माह से मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक समस्या है. आर्थिक समस्या के कारण इस वर्ष उनलोगों ने शादी नहीं करने का फैसला लिया,वहीं बिश्रामपुर के न्यू प्राथमिक विद्यालय हथगड़वा के पारा शिक्षक मिथलेश राम अपनी बेटी की शादी तय कर चुके थे 11 मई को बेटी की शादी थी मानदेय नहीं मिलने से मानसिक रूप से तनाव में थे,उनको हमेसा आर्थिक तंगी का चिंता सत्ता रही थी,अंत में कुछ पारा शिक्षकों ने आर्थिक सहयोग किया तो किसी तरह बेटी की शादी हो पायी. .उन्होंने बताया कि उमवि सुपहा हुसैनाबाद के पारा शिक्षक विंदेश्वर मेहता की मौत 29 अप्रैल की रात्री में हार्ट अटैक से हो गयी. पांच माह से मानदेय नहीं मिलने से वे आर्थिक तंगी की मार झेल रहे थे,बच्चों का भरण-पोषण एवं घर का खर्च कैसे चलेगा इसी बात को लेकर वह हमेसा तनावग्रस्त रहते थे, इसी कारण हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गयी. उन्होंने कहा कि सरकार पारा शिक्षकों के साथ गंभीर नहीं है. यही स्थिति रही तो आने वाले समय में कई और पारा शिक्षकों की जान जा सकती है। मोर्चा के सभी सदस्यों ने निर्णय लिया है कि 20 मई तक एरियर सहित पारा शिक्षकों का मानदेय नहीं मिला तो 21 मई को  बीआरसी केंद्र में ताला बंद कर देंगें. पारा शिक्षकों ने विद्यालय विलय का भी पुरजोर विरोध भी किया है।