झारखंड की जपला सीमेंट फैक्ट्री हुई निलाम हैदरनगर के उपेंद्र सिंह ने 13.56 करोड़ बोली लगाकर किया प्राप्त

     

पलामू- झारखंड की बंद पड़ी जपला सीमेंट फैक्ट्री गुरूवार को पटना उच्च न्यायालय ने कर दी। इस आशय की जानकारी उपेंद्र निखिल हाईटेक कंस्ट्रक्शन प्राईवेट लिमिटेड के प्रोपराईटर उपेंद्र सिंह ने दी। उन्होंने दूरभाष पर बताया कि झारखंड सरकार व उद्योग विभाग के सचिव की उपस्थिति में पटना उच्च न्यायालय में जपला सीमेंट फैक्ट्री निलामी हो गई है। निलामी की बोली में आठ अन्य कंपनी के लोग शामिल हुए थे। जिसमें सबसे अधिक बोली उपेंद्र निखिल हाईटेक कंस्ट्रक्शन प्राईवेट लिमिटेड ने 13 करोड़ 56 लाख की बोली लगाकर 1992 से बंद पड़ी जपला सीमेंट फैक्ट्री को अपने नाम कर दिया है। उन्होंने बताया कि निलामी को रोकने के लिये झारखंड सरकार के उद्योग विभाग द्वारा उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर किया गया था। जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर निलामी की प्रक्रिया को जारी रखा। निलामी में डीआर ट्र्रेडिंग कंपनी प्र0लि कोलकाता, चुनार स्टील यूपी, प्रो स्टील अहमदाबाद, बाबा विश्वनाथ कंस्ट्रक्शन यूपी, मां विंध्वाशिनी कंपनी प्र0लि0 उतर प्रदेश आदि आठ कंपनियों निलामी में शामिल हुई। जिसमें उपेंद्र निखिल कंस्ट्रक्शन ने निलामी में बाजी मार ली है। निलामी में सर्वश्रेष्ठ बोली उपेंद्र निखिल कंस्ट्रक्शन ने लगायी।उपेंद्र सिंह हैदरनगर के पंसा गांव के निवासी हैं। उन्हें फैक्ट्री मिलने के बाद हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी है। जानकारी हो कि जपला सीमेंट फैक्ट्री के निलामी के पूर्व कई बैंकों द्वारा जपला सीमेंट फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर कंपनी पर बकाया संबंधित नोटिस चिपकाया गया था।

                 खूब हुई राजनीति

जपला सीमेंट फैक्ट्री के बंद होने के बाद हुसैनाबाद विधानसभा सहित पलामू लोकसभा चुनाव कई बार संपन्न हुआ। 1992 से बंद पड़े जपला सीमेंट फैक्ट्री अब तक नेताओं व राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनावी मुद्दा रहा है। गत लोस जुनाव के दौरान डालटनगंज में चुनावी सभा के दौरान नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो जपला सीमेंट कारखाना खुलेगा। जबकि गत विधानसभा चुनाव के दौरान हैदरनगर, हुसैनाबाद में चुनावी सभा में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने झारखंड में भाजपा की सरकार बनने के बाद फैक्ट्री को खुलवाने का वादा भी किया था। किंतु अब तक केंद्र व राज्य सरकार ने फैक्ट्री खोलने की पहल भी नहीं की। यही नहीं हुसैनाबाद विधानसभा चुनाव जीतने के बाद स्थानीय विधायक कुशवाहा शिवगूजन मेहता ने भी फैक्ट्री खोलवाने, मजदूरों के बकाया भुगतान कराने का वादा किया था। फैक्ट्री के अधिकांश मजदूर बकाये राशि मिलने की आस लिए गुजर गये।  कितनी बेटियों का डोला भी नहीं उठ सका। आज फैक्ट्री के बचे मजदूर बकाया राशि की आस में तील तील कर मरने को विवश हैं। फैक्ट्री के क्वाटरों में न तो बिजली की व्यवस्था है न ही पेयजल की। यहां के लोग काफी दूरी तय कर पीने के लिये पानी लाने को विवश हैं। अब हुसैनाबाद के जपला सीमेंट फैक्ट्री के लोग स्थानीय उपेंद्र सिंह के खरीदने के बाद मजदूरों के बकाये राशि न्यायालय से मिलने की आस जगी है। सभी बकाये राशि का भुगतान पटना उच्च न्यायालय द्वारा बकाये के अनुपात में किया जायेगा। जपला सीमेंट फैक्ट्री का आठ मेगा वार्ड बिजली उत्पादन का संयंत्र है। उसे शुरू कर दिया गया तो हुसैनाबाद बिजली के क्षेत्र में आत्म निर्भर हो जायेगा।