टाटा स्टील ने देवझर पंचायत के काटमाटी में मासिक धर्म दिवस मनाया गांवों में मासिक धर्म को लेकर वर्जना पर चुप्पी तोड़ने में मिली मदद


संतोष वर्मा। नोआमुंडी टाटा स्टील अपने परिचालन क्षेत्रों में स्वस्थ स्वच्छता आदतों को बढ़ावा दे रही है और क्षेत्र के स्वास्थ्य सूचकांक को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। अपनी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप, टाटा स्टील ने ओडिशा के देवझर पंचायत, काटामाटी में मासिक धर्म स्वच्छता (एमएच) दिवस मनाया। इस साल का थीम महिलाओं को खुल कर सामने आने और इन मुद्दों के बारे में बात करने के लिए सशक्त बनाना है।

मासिक धर्म स्वच्छता दिवस महिलाओं और लड़कियों को उनके मासिक धर्म के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाता है और मीडिया कार्यों के साथ-साथ इन चुनौतियों का समाधान करने वाले समाधानों को रेखांकित  करता है। डॉ. सेवंती घोष, एमबीबीएस, एक्जीक्यूटिव डॉक्टर, टीएसआरडीएस, काटामाटी, श्री धलेश्वर पटनायक, फील्ड स्टाफ, टीएसआरडीएस और सुश्री भारती मुंडा सहित टाटा स्टील रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के डॉक्टरों की एक टीम मासिक धर्म स्वच्छता पर विभिन्न सत्रों का आयोजन किया। इसका उद्देश्य युवा आदिवासी किशोरियों को सैनिटरी पैड / नैपकिन के उपयोग, कपड़े के नैपकिन के उपयोग के साथ स्वच्छता के मुद्दों और सैनेटरी नैपकिन के निपटान विधियों को समझने में मदद करना था। इस क्षेत्र के 4 वरिष्ठ पीआरआई सदस्यों के साथ कुल 55 किशोरियों को एक केंद्रित समूह चर्चा में परामर्श दिया गया। इस क्षेत्र में सैनिटरी पैड की उपलब्धता जैसे मुद्दे भी संबोधित किए गए।

अपने अनुभव को साझा करते हुए 15 वर्षीय 9वीं कक्षा देवझर स्कूल की छात्रा गीतांजलि गोप ने कहाः “गांवों में मासिक धर्म को एक वर्जिना माना जाता है। हम इसके बारे में बहुत कम बात करते थे। लेकिन हमें पता चला कि यह एक आम घटना है और मासिक धर्म के दौरान खुद को साफ रखने से हमें स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। हमने यह भी सीखा है कि तालाबों और नदियों में सैनिटरी पैड फेंकने से मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) के साथ विभिन्न प्रकार के त्वचा संक्रमण हो सकते हैं, क्योंकि हम इन जल निकायों में स्नान करते हैं। मुझे थोड़ा-सी राहत मिली है, क्योंकि हमारे पास टाटा स्टील के लोग हैं, जिनके साथ अब हम मुश्किल समय के दौरान बात कर सकते हैं। “

अपने परिचालन क्षेत्रों में टाटा स्टील का लक्ष्य इस प्रकार की पहलकदमियों के माध्यम से एक ऐसी दुनिया बनाना है, जिसमें हर महिला और लड़की, जहां भी हो, अपने मासिक धर्म को एक स्वच्छ तरीके से प्रबंधित कर सकें। 

वाश यूनाइटेड ने 2013 में एमएच डे की शुरुआत की थी। वाश यूनाइटेड एमएच डे (मेंस्ट्रूअल डे) का समन्वय करता है, समग्र अभियान सामग्री विकसित करता है और 410 से अधिक साझेदार संगठनों के एमएच डे नेटवर्क का प्रबंधन करता है। पहली बार 28 मई 2014 को एमएच दिवस मनाया गया था।