नोआमुंडी से हांगकांग तक - टाटा स्टील विदेशों के जॉब के लिए ग्रामीण युवाओं को बना रही है हुनरमंद



संतोष वर्मा। समावेशी विकास पर फोकस के साथ ग्रामीण युवाओं को बेहतर रोजगार दिलाने के लिए कौशल विकास के अवसर प्रदान करना हमेशा से टाटा स्टील का प्रयास रहा है। उद्योग के लिए टाटा स्टील वर्षों से ग्रामीण युवाओं की प्रतिभा को आकार दे रही है। 

टाटा स्टील स्किल डेवलमेंट सोसायटी (टीएसएसडीएस) समूचे झारखंड और ओडिशा में इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के साथ टाई-अप कर अपने संचालन क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं को वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम उपलब्ध करा रहा है। 

झारखंड में पश्चिम सिंहभूम जिला के नोआमंुडी प्रखंड में स्थित लोकेसाई गांव के गुरुचरण बोबोंगा और देवगांव गांव के कपिलदेव प्रधान इसका ताजा उदाहरण हैं, जिन्होंने हांगकांग में ‘टीवीएससी कंस्ट्रक्शन स्टील सॉल्यूशन’ कंपनी के रिबार प्रोसेसिंग प्लांट में जॉब पाया है। गुरुचरण और कपिलदेव आईटीआई प्रशिक्षित फिटर हैं। टीएसआरडीएस ने इन्हें नोआमुंडी में आरंभिक काउंसेलिंग प्रदान की थी, जिसके बाद हांगकांग की एक कंपनी में प्लेसमेंट के लिए एचटीटीसी ओवरसीज ट्रेनिंग ऐंड टेस्टिंग सर्विसेज लिमिटेड, कोलकाता में दो महीने का प्रशिक्षण दिया गया।  

अपना अनुभव साझा करते हुए गुरुचरण ने बताया, ’’टाटा स्टील आरंभ से ही हमारे लिए प्रकाश स्तंभ की तरह मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। हांगकांग का यह जॉब ऑफर न केवल मेरे जीवन को आकार प्रदान करेगा, बल्कि हमारे परिवार के जीवन को बदल देगा। यह जॉब पाने की तैयारी में टाटा स्टील द्वारा दिये गये सतत मार्गदर्शन और सहयोग के लिए उनका आभारी हूं।’’ 

हांगकांग में इन उम्मीदवारों को भारतीय रुपये के मूल्य के अनुसार 85 हजार से लेकर 90 हजार रुपये तक आरंभिक मासिक वेतन मिलेंगे। इसके अलावा, इन्हें शेयर के आधार पर हर सुविधा से लैस निःशुल्क आवास और आवास से कार्यस्थल तथा वापसी तक निःशुल्क परिवहन की सुविधा दी जायेगी।

इनका जॉब कांट्रैक्ट दो वर्षों का है, जिसे उनके प्रदर्शन के आधार पर और परस्पर सहमति से विस्तारित किया जा सकता है।