ग्राम स्वराज अभियान के तहत केंद्र की योजनाओं को लागू करने की प्रगति में पूर्वी सिंहभूम जिला पहले पायदान पर

ग्राम स्वराज अभियान के तहत केंद्र की योजनाओं को लागू करने की प्रगति में पूर्वी सिंहभूम जिला पहले पायदान पर

जमशेदपुर :- ग्राम स्वराज अभियान के तहत झारखंड के 19 जिलों में चल रही केन्द्र सरकार की योजनाओं को धरातल में उतारने में पूर्वी सिंहभूम जिला प्रथम स्थान पर काबिज हो गया है। यह बातें ग्राम स्वराज अभियान के तहत राज्य में नोडल अधिकारी नितिन मदन कुलकर्णी ने जमशेदपुर में मीडिया से बातचीत में कहा,,13 हजार गांव में बिजली पहुचना है,,और 287 गांव में ग्राम स्वराज्य अभियान के तहत विकाश होनी है। पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय के सभागार में ग्राम स्वराज अभियान की प्रगति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुरेंद्र सिंह मीणा, झारखंड के ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी, उपायुक्त अमित कुमार समेत सभी विभागों के पदाधिकारी मौजूद थें। जिला में चल रही ग्राम स्वराज अभियान की मोनेटरिंग को लेकर बुलाई गयी इस बैठक मे जिले में चल रही सात स्कीम पर व्यापक चर्चा हुई और प्रगति रिपोर्ट का गहन अध्ययन कर 15 अगस्त तक पूरा कर लेने का लक्ष्य दिया गया। केंद्रीय नोडल पदाधिकारी सह समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि जिला के 287 गांवों में ग्राम स्वराज अभियान के तहत फ्लैगशिप स्कीम, उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, उजाला योजना, जन-धन योजना, जीवन ज्योति योजना और इंद्रधनुष योजना को शत-प्रतिशत लागू कर लाभुकों तक पहुंचना है। इन योजनाओं में जहां काम की गति धीमी है, वहां तेजी लाने को कहा गया है, और 15 अगस्त के लक्ष्य दिया गया है।

 सुरेंद्र सिंह मीणा, केंद्रीय संयुक्त सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार। इधर  झारखंड से नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थापित सूबे के ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान के तहत केंद्र की योजनाओं को लागू करने की प्रगति में पूर्वी सिंहभूम जिला पहले पायदान पर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में झारखंड के 13 हजार गांवों में बिजली पहुंचनी है, जबकि 16 हजार गांवों में बिजली पहुंच चुकी है। शहरी क्षेत्र में भी विद्युत समस्या को फर करने को लेकर कार्य प्रगति पर है। साथ ही उन्होंने कहा कि टाटा-रांची राजमार्ग-33 पर स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर टाटा प्रबंधन से बात हुई है। इस योजना में प्रत्येक किलोमीटर पर 3 लाख 19 हजार रुपये की लागत आएगी।

बहरहाल, ग्राम स्वराज अभियान के तहत सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों तक केन्द्र संपोषित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने को लेकर केंद्र और राज्य सरकार गंभीर दिख रही है। उम्मीद की जानी चाहिए कि आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।