जांच के आदेश के बाद अपडेट करने में जुटे संल्पित स्कूल



एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई नहीं हुआ तो जगन्नाथपुर अंनुमंडल कार्यालय कू समक्ष सेंगल अभियान देगी धरना



जगन्नाथपुर भास्कर न्यूज।डीएलएड में हुए फर्जीवाड़ा को लेकर आदिवासी सेंगल अभियान के जिला संयोजक बिरेंद्र बालमुचु द्वारा उपायुक्त को ज्ञांपन सौंप कर मामले की जांच कराने की मांग किया गयि था. लेकिन इस मामले पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण आदिवासी सेंगल अभियान नें रोष जताते हुए कहा कि यदी इस मामले पर शिक्षा विभाग के पदाधिकारी द्वारा कार्रवाई नहीं किया गया तो जगन्नाथपुर अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करेगी.ज्ञांत हो कि एनआईओएस अप्रशिक्षित शिक्षकों का डीएलएड में नामंकन में जमकर फर्जीवाड़ा की खबरें आ रही है.कुछ जिले में बंका चढ़ा इसके बिरूद्व कार्रवाई शुरू हो चुकी है.कई स्थानों से ऐसे कई मुन्नाभाई प्रशिक्षुओं का नामंकन रद्द हो चुकी है.पड़ोसी जिले सरायकेला खरंसवामें नामांकन जमकर फर्जीवाड़ा की सूचना पर जिला शिक्षा अधीक्षक फूलमनी खालखो ने कड़ा रूख अपनाते हुए जिले में जांच टीम गठीत किया है.ये टीम ऐनआईओऐस अंतर्गत डीएलएड कोर्स में नामांकन का स्कूल में जाकर भौतिक सत्यापन करेगी. छात्रों एवं शिक्षकों की वास्तविक संख्या शिक्षकों के विगत एक साल के वेतन भुगतान की पंजी उपस्थिती पंजी समेत एनआईओएस के नामर्स के अनुसार सभी विन्दूओं पर जांच करेगी. जांच में फर्जीवाड़ा पाये जाने पर जहां अभयर्थियों का नामांकन रद्द होगा वहीं स्कूलों की मान्यता भी रद्द कर कार्रवाई होगी.इस आदेश के बाद पश्चिमी सिंहभूम के कई निजी स्कूलों में हड़कंप मच गई है.सुत्रो की माने तो यहां पर भी जमकर नामांकन में नियमों की धज्जियां उड़ाई गई है.पैसा और सेटिंग गेटिंग के बल पर बहुत से अभयार्थियों ने फर्जी रूप से नामांकन लिया है.विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाध्यापक, और प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी की साठ गांठ से एनआईओएस प्रशिक्षण अब तक का सबसे विवादित प्रशिक्षण बन गया है.पुरे राज्य के साथ पड़ोसी जिला में धुआंधार जांच होने से यहां के मुन्ना भाई सहमे हुए है.अब मुन्ना भाई अपनी प्रतिष्टा बचाने और स्कूल अपनी साख बचाने के लिए मिलकर सारे बिन्दुओं को अपडेट कर विभाग की आंखों में धूल झोकने की तैयारी मे है.सुत्रों की माने तो विगत 1-2 वर्षो के रजिस्टर, उपस्थिति पंजी, वेतन भुगतान की पंजी आदि को नये सिरे से अपडेट कर फर्जी शिक्षकों का नाम भी रजिस्टरो में दर्ज कराया जा रहा है.


गहन जांच हुई तो बचना मुशकिल


विद्यालय प्रबंधन जितना भी प्रयास करना चाहे साक्ष्य को छुपाने की गहन जांच पड़ताल हुई तो फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश होकर रहेगा.पे सलिप, टीआर, टेबुलेटिंग रिपोर्ट, पाठय टीका, पाठय योजना, और क्लास वाईज परफोरमेंस देखने से सब पखड़ में आयेगा जानकार मानते है.विभाग प्रत्येक स्कूल के विगत तीन वर्षो के शिक्षक पदस्थापना विवरणी और यू डाईस रिपोर्ट में शिक्षकों  के नाम जो बीआरसी में जमा है.उसका मिलान वर्तमान में दर्शाये गये शिक्षकों की संख्या से करलें तो सब पकड़ में आ जायेगा.


चौक चौराहे में हो रही है चर्चा


फर्जीवाड़ा की खबर आने के बाद चौक चौराहें में इन दिनों चर्चा आम है, लोग फर्जी प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों कों अच्छी तरह जानते है. जिसने कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा वह भी कार्यरत्त शिक्षक बता प्रशिक्षण ले रहा है.ऐसे अभयार्थियों के विषय में चौक चौराहो पर खुब चर्चा हो रही है.