टाटा स्टील के ओएमक्यू डिवीजन में एथिक्स मंथ का शुभारंभ



चाईबासा संतोष वर्मा। नोआमुंडी टाटा स्टील के ओर, माइंस ऐंड क्वैरीज (ओएमक्यू) डिवीजन में  एथिक्स मंथ की शुरुआत की गयी। श्री मनीष मिश्रा, जीएम, ओएमक्यू, टाटा स्टील ने एथिक्स फ्लैग फहरा कर इसका उद्घाटन किया। इस मौके पर डिवीजन के कर्मचारियों ने यूनियन के सदस्यों के साथ एथिक्स कोड और कंपनी के मूल्यों का पालन करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि हेतू संकल्प लिया। 

मूल्य निर्माण और कॉर्पोरेट नागरिकता के क्षेत्र में स्टील उद्योग का एक बेंचमार्क बनने की दिशा में टाटा स्टील ने हमेशा इस दर्शन पर विश्वास किया है कि व्यवसाय को इस तरीके से संचालित करना चाहिए, ताकि सभी स्टेकहोल्डरों के अधिकारों का सम्मान हो। जुलाई महीने में टाटा स्टील में हर साल एथिक्स मंथ मनाया जाता है। इस साल का थीम ’ब्रांड - व्हेयर एथिक्स मेक अ डिफरेंस’ है। इस एक महीने के जश्न में लघु फिल्म प्रतियोगिता, क्विज़ प्रतियोगिता, एक्सटेम्पोर, सिट ऐंड ड्रॉ जैसी प्रतियोगिताओं के अलावा, अद्वितीय टाउन हॉल मीटिंग का आयोजन किया जायेगा, जिसमें नैतिक सीमा पर विचार और आवाज का स्वागत किया जाएगा।

इस अवसर पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहाः “नैतिकता और ईमानदारपूर्वक कार्य करने के लिए व्यक्तियों का नैतिक आचरण महत्वपूर्ण है। हमारे सभी कृत्यों में हमें ईमानदार होना चाहिए, क्योंकि नैतिकता मूल आधार है जिस पर टाटा स्टील आज खड़ा है और हमें इस पर खरा उतरना चाहिए।“

श्री निकिलेश पिंगुआ, वीपी, नोआमुंडी मजदूर यूनियन ने इस अवसर पर कहा कि छुपे हुए अनैतिक आचरण दूसरों द्वारा किए गए सभी अच्छे कामों पर पानी फेर देता है। ऐसे कार्यों की सूचना देनी चाहिए और संस्थान के अंदर इन्हें हतोत्साहित किया जाना चाहिए। 

आज के कार्यक्रम में श्री आर पी माली, चीफ नोआमुंडी, टाटा स्टील, श्री धीरेंद्र कुमार, चीफ मेडिकल ऑफिसर, टाटा स्टील हॉस्पीटल, नोआमुंडी, श्री राहुल किशोर, हेड, प्रमुख, काटामाटी आयरन माइन, टाटा स्टील, श्री पार्थसारथी मिश्रा, चीफ, एचआरएम (ओएमक्यू) समेत यूनियन के सदस्य और टाटा स्टील के कर्मचारी आदि उपस्थित थे। टाटा स्टील के जोडा ईस्ट आयरन माइन और खोंदबोंद आयरन माइन में एथिक्स मंथ का ध्वज फहराया गया।

टाटा स्टील ने स्थापना के बाद से नैतिक व्यापार आचरण में दृढ़ विश्वास किया है। इन नैतिक मूल्यों को पहली बार वर्ष 1998 में टाटा आचार संहिता के माध्यम से व्यक्त किया गया था। कंपनी की आचार संहिता ने कंपनी, उसके कर्मचारियों और व्यापार भागीदारों द्वारा किए जाने वाले व्यवहार के मानक के संबंध में दिशानिर्देश स्थापित किये हैं।