अब पलामू में हरित क्रांति लायेंगे रंजीत , इजराइज जाकर कम पानी में खेती के सिखेंगे गुर

 अब पलामू में हरित क्रांति लायेंगे रंजीत
  इजराइज जाकर कम पानी में खेती के सिखेंगे गुर


हैदरनगर,पलामूः 

हुसैनाबाद के बिलासपुर गांव के किसान रंजीत कुमार सिंह का चयन राज्य सरकार ने इजराइल जाने के लिए किया है। रंजीत पलामू से एकलौते किसान हैं जो इजराइल जाकर कम पानी में बेहतर पैदावार के गुर सीखेंगे। राज्य के विभिन्न जिलों से 24 किसानों का चयन इजराइल जाने के लिए किया गया है। राज्य के कृशि मंत्री रंधीर सिंह, कृशि सचिव पूजा सिंघल, कृशि निदेषक रमेष घोलप व विजय सिंह के नेतृत्व में किसानो का दल इजराइल के लिए रवाना होगा। इसके लिए कागजी प्रक्रिया षुरु कर दी गई है। अगस्त के प्रथम सप्ताह में यह दल इजराइल के लिए रवाना हो जायेगा। यह एक सप्ताह वहां रहकर कम जल संसाधन का उपयोग कर बेहतर से बेहतर कृशि उत्पादन देने का प्रषिक्षण प्राप्त करेंगे। इजराइल से लौअ कर रंजीत समेत अन्य जिलों से चयनित किसान अपने अपने जिले के किसानों को कम जल संसाधन में बेहतर पैदावार का प्रषिक्षण देंगे। रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिले के उपायुक्त से किसानो का चयन कर राज्य सरकार को दी गई रिपोर्ट के आधार पर चयन किया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय से जारी सूची में पलामू से रंजीत कुमार सिंह, रांची से सुखदेव उरांव, गुमला से रंजीत प्रसाद, सिमडेगा से नमन टोपनो,लोहरदगा से राज किषोर महतो, पूर्वी सिंहभुम  से श्रीमंत मिश्रा,पष्चिमी सिंहभुम से पंकज कुमार गोंड, सरायकेला से राधाकृश्ण केवट, लातेहार से राजेंद्र यादव, दुमका से जयप्रकाष मंडल, जामताड़ा से निताई मंडल, साहिबगंज से नीरज हेम्ब्रम, पाकुड़ से अभिनव किषोर, खुंटी से रामानंद साहु, गढ़वा से सतीष कुमार तिवारी, हजारीबाग से फुलेष्वर महतो, रामगढ़ से रचया महतो, धनबाद से अब्दुल कयुम अंसारी, चतरा से मोहन प्रजापति, कोडरमा से लक्ष्मण यादव, गिरिडीह से संतोश कुमार वर्मा, बोकारो से विक्रम कुमार, देवघर से वकील प्रसाद यादव व गोड्डा से प्रीतम कुमार के नाम षामिल हैं।

 

 .                                      पलामू में ष्वेत क्रांति के जनक हैं रंजीत कुमार सिंह

हुसैनाबाद के रंजीत कुमार सिंह बड़े कास्तकार होने के साथ साथ मेहनती भी हैं। इन्होंने 15 वर्श पूर्व अपने घर के सामने दस गाय से दुग्द्ध व्यवसाय षुरु किया था। बड़े किसान होने के बावजूद वह गायों का दुध बेचने खुद हुसैनाबाद बाजार जाते थे। यह सिलसिला काफी दिनो तक चलता रहा। गायों में भी बढ़ोतरी होती चली गई। आज उनके पास पच्चास गायें हैं। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार की मदद से दुग्द्ध संग्रह केंद्र अपनी जमीन पर ही स्थापित कर दिया है। अनुमंडल क्षेत्र से प्रति दिन पांच हजार लीटर दुध यह टैंकर के द्धारा रांची के दुग्द्ध प्रोसेसिंग प्लांट को भेजते हैं। इनही की प्रेरणा से पलामू के अन्य दो प्रखंडों में भी दुग्द्ध संग्रह केंद्र स्थापित हुआ। पलामू मंे ष्वेत क्रांति का जनक रंजीत कुमार सिंह को कहा जाता है। कृशि मंत्री रंजीत सिंह भी रंजीत के कार्यों की गाहे बगाहे सराहना करते हैं।