रघुवर दास के इस फैसले के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई झामुमो लड़ेगी- जिला अध्यक्ष

*रघुवर दास के इस फैसले के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई झामुमो लड़ेगी- जिला अध्यक्ष*

पाकुड़--पाकुड़ जिला मुख्यालय के इंदिरा चौक पर झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का पुतला दहन किया गया जिसका नेतृत्व झामुमो *जिला अध्यक्ष श्याम यादव*  ने किया उन्होंने कहा की सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के विरोध में सभी विपक्षी पार्टी एक मंच पर आ गए है। रघुवर सरकार के इस फैसले के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को लेकर हमलोग तैयार है। 

 *झामुमो जिला अध्यक्ष श्याम यादव*  ने कहा की संविधान में लोगों को अधिकार है की उनकी जमीन से जो कोयला, लोहा, अबरख, ग्रेनाइट, पत्थर के उत्पादन वह उत्खनन के लिए अधिकृत की जाती है वह परियोजना समाप्त होने पर मूल रैयत को वापस मिलनी चाहिए खनन कार्य समाप्त होने पर वह भूमि बेकार पड़ी रहती है उसका समुचित उपयोग नहीं हो पाता है इसे पर्यावरण को गंभीर खतरा बना रहता है। झारखंड सरकार द्वारा इस अध्यादेश में किया गया छेड़छाड़ अनुचित है। इससे झारखंड के करोड़ों आदिवासियों-मूलवासियों का नुकसान होगा। वर्तमान में संशोधित अध्यादेश से झारखंड के करोड़ों आदिवासी- मूलवासियों के अधिकारों का हनन होगा। यह अध्यादेश मुट्ठी भर पूंजीपतियों एवं व्यपारियों को व धनवान बनाने और यहाँ के लोगों को गरीब बनाने की साजिश है। जिसके कारण झारखंड राज्य के आदिवासी- मूलवासी काफी आक्रोशित एवं सशंकित हैं। अनेकों योजना के नाम पर आदिवासी- मूलवासियों की जमीन को अधिग्रहित कर उन्हें भूमिहीन किया जा रहा है। इससे आदिवासी-मूलवासी का विकास होने के बजाय विनाश होना निश्चित है। योजनाओं के क्रियान्वयन के नाम पर उन्हें विस्थापित करते हुए रोजगार विहीन किया जा रहा है। *झामुमो जिला सचिव समद अली* ने कहा कि भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के मूल प्रावधानों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ का विरोध करती है। जिससे राज्य के आदिवासी मूलवासी अपना आर्थिक एवं सामाजिक विकास निसंकोच ढंग से कर सके। अब आंदोलन सुरु हो चुका है जिला अध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को लेकर गांव से लेकर शहर तक ग्रामीण, किसान, नौजवान मूलवासी और आदिवासी सब के मन मे रोष है।मौके पर झामुमो जिला सचिव समद अली, जिला प्रवक्ता शाहिद इक़बाल, केंद्रीय समिति सदस्य निशा शबनम हांसदा, केंद्रीय समिति सदस्य मंटु भगत, उमर फारूक,भगवती गुप्ता, मैनुल हक, महमूद आलम, मुर्तुज़ा अली, जोसिफेना हेम्ब्रम, श्रीराम भगत, अब्दुस समद,पंचलाल यादव, कौसर आलम, मिथलेश घोष,  अशराफुल हक, ज़ाकिर हुसैन, कदम रसूल, अकबर अंसारी, वीरू घोष, वकील मुर्मू, स्टीफ़न मुर्मू, श्यामलाल हांसदा, आलमगीर आलम, सुबोध रविदास, कुणाल हेम्ब्रम, किशोर यादव अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।