हुसैनाबाद के पूर्व विधायक भीष्मनारायण सिंह का निधन

हुसैनाबाद के पूर्व विधायक भीष्मनारायण सिंह का निधन

 

पलामूः जिले के छोटे से गांव उदयगढ़निवासी भीष्म नारायण सिंह अब इसदुनिया में नहीं हैं। मगर उनका राजनीतिकसफर लोगों के लिए प्रेरणा से कम नहीं है।उन्होंने प्राइमरी शिक्षा उदयगढ़ गांव केबगल स्थित गुलाबझारी प्रावि से प्राप्त की।वह अपने गांव से नदी पार कर गुलाबझरीआते जाते थे। उन्होंने उच्चविद्यालय तककी शिक्षा हुसैनाबाद के बक्शी उवि सेप्राप्त कर आगे की शिक्षा काशी हिन्दु विश्वविद्यालय से प्राप्त कर राजनीति में आगये।पहली बार वह 1967 में  हुसैनाबाद के विधायकबने। एकाकृत बिहार में वह कैबिनेट मंत्रीभी रहे।  बिहार में एमएलसी भी रहे।इंदिरा गांधी के कार्यकाल में राज्यसभा सेचुने गये। भीष्मनारायण सिंह 1983 मेंकेंद्रीय कैबिनेट मंत्री रहे। वह 1984 मेंअसम  मेघालय  1991 में तमिलनाडूके राज्यपाल रहे। वह पलामू के सच्चे नेताके रुप में जाने जाते थे। दिल्ली में उनकेआवास पर पलामू वासियों के लिए कोईरोक टोक कभी नहीं रही। वह पलामू केलोगों को मदद करते थे। भीष्म नारायणसिंह को पलामू का बच्चा बच्चा जानता है।राजनीति में इतने महत्वपूर्ण पदों पर रहनेके बावजूद उनके अंदर जरा भी अहम नहींथा। वह अदने आदमी से भी अपनों कीतरह मिलते  व्यवहार करते थे।भीष्मनारायण सिंह का बुधवार की शामदिल्ली के एक अस्पताल में निधन कीखबर से हुसैनाबाद ही नहीं पूरा पलामूशोक में डूब गया। जगह जगह शोक सभाआयोजित की गई। उनके निधन से कांग्रेसपार्टी को बड़ा झटका लगा है। निधन कीखबर मिलने पर पूर्व मंत्री कमलेश कुमारसिंहइंटक के प्रदेश महासचिव विनयकुमार सिंह उर्फ बिनु सिंहकांग्रेस के पूर्वप्रदेश सचिव सत्यनारायण सिंहजिलाअध्यक्ष बिट्टु पाठकजिला महासचिवकुश कुमार सिंहधनंजय तिवारीनदीमखांअल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्षइमरान सिद्दीकी के अलावा अवधेश सिंह,गुप्तेश्वर पांडेयअवध बिहारी सिंह,अफरोज अहमद सिद्दीकीधर्मदेव राम,अब्दुल हक रजा खांजगदीश रामशाहमोहम्मद खांयासिर अराफातरणविजयसिंहरविंद्र कुमार सिंहमोजिबुद्दीन खांआदि ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनकीआत्मा की शांति की कामना की है। उन्होंने अपने शोक संदेशों में कहा है कि झारखंड ने एक सच्चा नेता खो दिया। इसकी भरपाई नहीं की जा सकती।