पलामू में शिक्षा को सिस्टमाइज्ड करने की जरूरत...

पलामू में शिक्षा को सिस्टमाइज्ड करने की जरूरत...


 डा के एम कुमार कई इंस्टीट्यूट में मोटिवेशनल प्रोग्राम निःशुल्क दे रहे हैं


मेदिनीनगर।

पलामू जागरूकता के अभाव मे शुरु से ही शिक्षा के क्षेत्र मे पिछडा रहा है. जबकि विगत आठ दस वर्षों मे इसमे काफी सुधार भी देखने को मिला है.

पलामू प्रमंडल मे विगत कुछ वर्षों से एडुकेशनल हब भी बनता जा रहा है. हर गली हर मुहल्लों मे कोचिंग संस्थानों के अलावा कइ इंटर एंव डीग्री कौलेज तथा मेडिकल कौलेज इंजीनियरिंग कौलेज भी खुले हैं और विद्यार्थी कमोवेश पढने भी जाते हैं..

परन्तु उन्हें किस दिशा मे जाना चाहिए उनकी रुची किस ओर जाने की है यह तय नहीं कर पाते.

इसका मुख्य कारण है स्कूलिंग शिक्षा के समय सही मार्गदर्शन का नहीं मिलना. यहां के प्रायः सभी स्कूलों मे केवल  विषयवार पढाइ होती है.इसके इतर उन्हें न तो किसी प्रकार की कैरियर संबंधी सलाह दी जाती है और न हीं उनकी रुची जानने की कोशिश की जाती है.. जबकि सबसे उत्म समय वही होता है जहां उन्हें उनकी रुचि और उससे संबंधित कैरियर को बढाने मे महत्वपूर्ण भूमिका अपनायी जा सकती है.

केवल शिक्षक ही नहीं इसमे माता पिता का भी जागरूक न होना अहम भूमिका है.

एक तरफ यहां के कौलेजों मे हर तरह के पढाइ का दावा किया जाता है लेकिन शिक्षकों का अभाव भी झलकता है.जिसके वजह से उन्हें कैरियर बनाने मे किन किन दिक्कतों का सामना करना पडेगा/पडता है और उससे कैसे पार पाया जा सकता है इसका न तो शिक्षक मार्गदर्शन करते हैं और न ही उनके माता पिता.जिसके कारण बच्चे डीग्री तो हासिल कर लेते हैं लेकिन उनमे टैलेंट होने के बावजूद वह क्वालिटी नहीं मिल पाती जो उन्हें किसी देश स्तरीय प्रतियोगिता के काबिल बना सके.

नतीजतन विद्यार्थी घोर निराशावादी बन जाते हैं.

कौलेज प्रशासन का ढीला ढाला रवैया भी इसका जिम्मेवार है.मेरा मानना है कि शिक्षा का क्षेत्र पैसे बनाने के उद्देश्य से नहीं वल्कि क्वालिटी पैदा करने का होना चाहिए. जहां समय समय पर बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए उनके कैरियर बनाने के लिय एक सिस्टम ऐसा बनाने की जरूरत है जहां स्कूलों से निकलने के बाद बच्चे अपने स्वेच्छानुसार आगे की पढाइ जारी रख कर अपना कैरियर बना सकते हैं. इसमे " मोटिवेशनल " क्लासेज जो स्कूल कौलेज मे अति महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.हलाकि कि समय की मांग और निराशाजनक स्थिति को देखते हुये पलामू मे विगत 6 महिनो से डा के एम कुमार के द्वारा कई इंस्टीट्यूट मे समय समय पर मोटिवेशनल प्रोग्राम निःशुल्क दिया जा रहा है. डॉ कुमार का कहना है कि उन्हें इस सामाजिक कार्यों में बहुत सुकून मिलता है। आगे वे इस पर और काम करने की योजना बना रहे हैं।