त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 में प्रतिनियुक्ति कर्मी के मृत्युपरांत 10 लाख की राशि मृतक के आश्रित एलिसाबा सुनीता टुटी को दिया गया। पलामू की अन्य खबरे

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 में प्रतिनियुक्ति कर्मी के मृत्युपरांत  10 लाख की राशि मृतक के आश्रित एलिसाबा सुनीता टुटी को दिया गया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 के अवसर पर वणांचल ग्रामीण बैक सतबरवा शाखा के कार्यालय सहायक विजय कुमार टोपनों की प्रतिनियुक्ति मतगणना कार्य में की गई थी। हुसैनाबाद मतगणना केन्द्र में मतगणना के दौरान 20 दिसम्बर 2015 को श्री टोपनो की तबियत खराब हो गई। उन्हे ईलाज के लिए अनुमण्डल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेहतर ईलाज के लिए सदर अस्पताल डालटनगंज भेजा गया था। सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद ईलाज के लिए राँची भेजी जा रही थी। किन्तु रास्तें में ही 21 दिसम्बर 2015 को श्री टोपनों की मृत्यु हो गई। 

मतगणना कार्य में कत्र्तव्य निर्वाहन के दौरान मृत्यू हो जाने पर श्री टोपनो के आश्रिता को 10 लाख रूपये छतिपुर्ति राशि भुगतान की स्वीकृति राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई थी। आज उपायुक्त के कार्यालय वेश्म में उपायुक्त पलामू डाॅ0 शातनु कुमार अग्रहरी ने मृतक टोपनों की विधवा पत्नी एलिसाबा सुनीता टूटी को 10 लाख रूपये का चेक सौपा। इस अवसर पर मृतका टोपनों की पत्नी एलिसाबा सुनीता टुटी ने उपायुक्त को एक आवेदन देकर मृत्योपरांत टोपनों के बड़े पुत्र अभिषेक अविनाश टोपनों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी प्रदान करने का अनुरोध किया। छतिपुर्ति राशि भुगतान के अवसर पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी-सह-उप निर्वाचन पदाधिकारी शांति पाण्डेय, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी देवेन्द्र नाथ भादुड़ी, जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार एवं नजारत उप समाहत्र्ता सुधीर कुमार उपस्थित थे। यह जानकारी जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी देवेन्द्र नाथ भादुड़ी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।


चोर बताकर युवकों की जमकर पिटायी, एक मरा-दो गंभीर

डालटनगंज, 6 सितम्बर: पलामू जिले के पांडू थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात हुई डकैती की घटना के बाद तीन युवकों को कथित चोर बताकर उनकी जमकर पिटायी की गयी। इसमें एक बबलू नामक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गयी, जबकि दो युवकों को किसी तरह पुलिस हस्तक्षेप से बचाया जा सका। उनका इलाज चल रहा है। दोनों खतरे से बाहर हैं। 

23 लोग चिन्हित किए गए

मारपीट में शामिल 23 लोगों को चिन्हित किया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गयी है। जिले के पुलिस अधीक्षक इन्द्रजीत माहथा ने जानकारी दी कि मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक पीड़िता की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गयी है, जबकि दूसरी प्राथमिकी पुलिस ने दर्ज करायी है। 

एसपी ने बताया कि घटना को अंजाम देने वालों की पहचान हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में मामले का स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले को पूरी तरह शांत करने के लिए वे विश्रामपुर में कैम्प कर रहे हैं। अनुसंधान की जिम्मेवारी रेहला के पुलिस इंस्पेक्टर दीप नारायण रजक को सौंपी गयी है। डीएसपी सुरजीत कुमार के नेतृत्व में सारे मामले को देखा जा रहा है। घायलों की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। सदर अस्पताल में उनके इलाज में जिलास्तर के पुलिस कर्मियों को लगाया गया है। 

डकैती मामले की जांच के लिए गांव में छापामारी तेज

पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि मुरमाखुर्द गांव में एक संगठित अपराधियों के गिरोह ने डकैती की घटना को अंजाम दिया है। इसमें शामिल अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए ुहुसैनाबाद के पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में 50 पुलिसकर्मियों के एक जत्थे को गांव में छापामारी का निर्देश दिया गया है। गांव वालों में विश्वास जगाने की कोशिश की जा रही है। नक्सल उन्मूलन के बाद गांव में इस तरह के गिरोह के मंसूबे को कभी सफल होने नहीं दिया जायेगा। डकैती घटना में चोटिल गीता देवी के इलाज मंे भी पुलिस पूरा सहयोग कर रही है। मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा दिलाया जायेगा।     

क्या है मामला? 

पांडू के तिसीबार में शाम 6.30 सुनीता मुसहर की छोटी बहन को देखने का कार्यक्रम चल रहा था। लड़की को देखने के लिए कुछ लोग आए थे। लड़की देखने आए लोगों को देखकर सुनीता द्वारा ही अफवाह फैलायी गयी कि वे चोर हैं। इसके बाद पहले से डकैती और हमले की घटना से आक्रोशित भीड़ ने युवकों को घेर लिया और जमकर पिटायी शुरू कर दी। घटना के समय पास के क्षेत्र में डीएसपी सुरजीत कुमार मौजूद थे। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों की भीड़ कंट्रोल नहीं हुई। बाद में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने तीन से चार राउंड हवाई फायरिंग की। भीड़ के हटते ही युवकों को वहां से निकाला गया और इलाज के लिए सदर अस्पताल में भेजा गया। यहां इलाज के दौरान बबलू नामक युवक की मौत हो गयी।

हर हाल में भीड़ मार देना चाहती थीः पीड़ित  

मारपीट के शिकार हुए गुड्डू ने बताया कि भीड़ उन्हें हर हाल में मार देना चाहती थी। वे बिहार के डेहरी इलाके के रहने वाले हैं और तिसिबार में लल्लू मुसहर के यहां उसकी लड़की देखने आए थे। इसी क्रम में ग्रामीणों ने उन्हें चोर समझ लिया। मंगलवार की रात तिसिबार में कालेश्वर साव के घर में डकैती हुई थी, इस घटना में परिवार पर गंभीर हमला हुआ था। ग्रामीणों ने समझा कि घटना के पीछे इन्हीं लोगों का हाथ है। 

इधर, सदर अस्पताल में सिविल प्रशासन की ओर से सदर एसडीओ एन.के. गुप्ता, सीओ शिवशंकर पांडेय और पुलिस इंस्पेक्टर तरूण कुमार द्वारा घायलों की स्थिति की जानकारी ली गयी।