कंडी प्रखण्ड के कई गांव में आज़ादी से अब तक नही पहुची बिजली

 सवाल -क्या सरकार के वादे और दावे सिर्फ प्रचार तक ही सीमित हो जाते है


संवाददाता-विवेक चौबे।                                       कांडी-प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत खुटहेरिया पंचायत के कुशहा गांव की जनता आज भी बिजली को तरस रही है।किंतु इस गांव की समस्या सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है।मंत्री ,विधायक लम्बी -लम्बी बातों की बौछार कर,भाषण देकर,जनता को भरमा कर चले जाते हैं।नेतागण को भी ऐसा महशुश होता है कि यहां की पब्लिक उनकी बातों से प्रसन्न है।किंतु यह उनकी भ्रम है,पब्लिक की नहीं।पब्लिक तो विकास देखती है।एक तरफ जहां मोदी जी देश को डिजिटल इंडिया बनाने का सपना संजोए हुए हैं,क्या इस प्रकार डिजिटल बनाना सम्भव है,जरा गौर करें।पूर्व उपमुखिया-प्रवीण कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कुशहा गांव निवासी आज भी बिजली को तरस रही है।बिजली नहीं होने के कारण किसान भाई अच्छी खेती करने से असमर्थ रह रहे हैं।बच्चों की पढ़ाई-लिखाई नहीं हो पा रही है।आजादी के पश्चात बिजली का नाम तो आया लेकिन बिजली नहीं आई।आज भी यहां के निवासी ढिबरी युग मे रहने को विवश हैं।साथ हीं श्री सिंह ने कहा कि कुशहा गांव को शीघ्र बिजली चाहिए।यदि बिजली विभाग की अधिकारी सहित नेतागण यहां की समस्या पर ध्यान नहीं देते हैं ,बिजली की समस्या से छुटकारा नहीं दिलाते हैं तो इस समस्या को लेकर ग्रामीणों के साथ आगे बात रखने को बाध्य होंगे।मौके पर-उर्मिला देवी,कांति देवी, प्रिया कुमारी,सुदर्शन ठाकुर,राकेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।