पलामू - कभी माओवादियों के लाल सलाम और क्रांतिकारी नारे गूंजते थे अब वंहा के लोग जण गण मण गाने लगे हैं।

हिन्दुस्तानसवेरा की खास रिपोर्ट -

जंहा कभी माओवादियों के लाल सलाम और क्रांतिकारी नारे गूंजते थे अब वंहा के लोग जण गण मण गाने लगे हैं। 

पलामू का हुसैनाबाद अनुमंडल के जंगलों पहाड़ो से घिरा महदण्ड गांव जंहा कभी माओवादियों के लाल सलाम और क्रांतिकारी नारे गूंजते थे अब वंहा के लोग जण गण मण गाने लगे हैं। इतना ही नहीं जिस गांव ने 33 माओवादी कमांडर दिया है अब वंहा के बच्चे पुलिस जवान बनना चाहते हैं। यह बड़ा बदलाव पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर से करीब 70 किलोमीटर दूर हुसैनाबाद के महुदंड पंचायत में हुआ है। करीब तीन दशक तक माओवाद के प्रभाव में रहने वाले महुदंड के इलाके में पिछले एक वर्ष में बड़ा बदलाव हुआ है। माओवादी 21 से 27 सितम्बर तक स्थापना सप्ताह मना रहे हैं। स्थापना सप्ताह को लेकर पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। स्थापना सप्ताह के दौरान महुदंड के इलाके में माओवादी बड़े समारोह का आयोजन करते थे। इस दौरान पूरा इलाका माओवाद के नारे और पर्चा बैनर से पटे हुए रहते थे। पलामू अभियान एसपी अरुण कुमार सिंह ,हुसैनाबाद डीएसपी मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस नक्सल विरोधी अभियान में महुदंड के इलाके में पंहुची थी। महुदंड अपग्रेडेड मिडिल स्कूल सह हाई स्कूल में अभियान एसपी और डीएसपी बच्चो के क्लास रूम में गए बच्चे राष्ट्र गान के साथ अधिकारीयों दोनों का स्वागत किया। दोनों अधिकारी स्कूल में करीब दो घंटे तक रुजे और बच्चो को पढाया। इस दौरान बच्चो ने अधिकारीयों से कहा की वे पुलिस अधिकारी बनना चाहते हैं। स्कूल के लड़कियों ने कहा की वे भारत माँ की सेवा के लिए पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं। मौके पर दोनों अधिकारीयों ने घोषणा किया कि पिकेट में तैनात अधिकारी बच्चो को खाली वक्त में पढ़ाएंगे।

जिस माओवादी कमांडर ने विस्फोट कर उड़ाया था स्कूल, उसकी बेटी ने निबंध लिख बोला था नक्सली हैं विकास के बाधक


 महुदंड स्कूल को कुख्यात माओवादी कमांडर अजय यादव ने कुछ वर्ष पहले विस्फोट कर उड़ा दिया था। बाद में उसकी बेटी ने उसी महुदंड स्कूल से पढाई किया था उर नक्सलवाद पर निबंध लिखा था। नक्सली कमांडर की बेटी नेहा ने लिखा था की नक्सल देश और समाज के लिए कोढ़ है। अजय यादव 2017 में माओवादियों की आपसी लड़ाई में तीन साथियों के साथ मारा गया था। अजय के मारे जाने के बाद महुदंड के इलाके का माहौल बदल गया है। करीब एक वर्ष पहले महुदंड में पुलिस ने पिकेट की स्थापना की थी। पिकेट के बन जाने के बाद गांव में माओवादी गतिवधि ख़त्म हो गई है। महुदंड पंचायत में 12 गांव शामिल है। गांव के शिक्षक बताते हैं कि नक्सली पढ़ाने से रोकते थे और भवन भी नहीं बनने देते थे। हुसैनाबाद डीएसपी मनोज कुमार ने बताया कि आज इलाके का माहौल बदल गया है, बचे नक्सल गाने की जगह जण गण मण गाने लगे हैं यह पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है।