वैश्विक प्रतिस्पर्धा में छात्र अपने को स्थापित कर सकें इसमें शिक्षक योगदान दें: राज्यपाल

वैश्विक प्रतिस्पर्धा में छात्र अपने को स्थापित कर सकें इसमें  शिक्षक योगदान दें: राज्यपाल


प्रथम दीक्षान्त समारोह सम्पन्न, कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिला सम्मान                     



मेदिनीनगर। नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल सह कुलाधिपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने  कहा कि नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय के लिये आज का दिन ऐतिहासिक है । उपाधि प्राप्त छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत आपकी शिक्षा का समापन नहीं है, बल्कि जीवन में एक नया प्रांम्भ है। अपने कार्यक्षेत्र में पहचान स्थापित करें और उत्कृष्ठता  हासिल करने का प्रयास करें व मजबूत इरादों के साथ लक्ष्यों को प्राप्त करने में बढ़े। महामहिम राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त छात्रो को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्र की प्रगति में अपनी महती भूमिका निभाए। आपकी कृति से नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय का गौरव जुड़ा है। उन्होंने कहा कि  शिक्षक शोध और अनुसन्धान से जुड़े। अपनी मौलिकता का परिचय देते हुए उपलब्धियां अर्जित करें। सच्चा शिक्षक वही है जो विद्यार्थियों की प्रतिभा को बाहर  निकले। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में छात्र अपने को स्थापित कर सकें ऐसा प्रयास शिक्षक करें।                                  महामहिम राज्यपाल ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि   विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ही खेलकूद और अन्य गतिविधियों में बेहतर करने की दिशा में प्रयासरत है। विद्यार्थी ज्ञान और तकनिकी शिक्षा प्राप्त कर सामाजिक और सुसंस्कृत नागरिक के रूप में विकसित हो विश्वाविद्यालय का ऐसा प्रयास हो । ये हमारे देश के लिये अमूल्य धरोहर सिद्ध होंगे।                महामहिम राज्यपाल द्रोपती मुर्मू  ने कहा कि बौद्धिक संपदा के विकास के बिना प्राकृतिक सम्पदा का विकास नहीं कर सकते। लड़कियों , पिछड़े, अनुसूचित जाति और जनजाति तथा अल्पसंख्यको  शिक्षा प्राप्ति के लिए प्रेरित करने की आवश्यक्ता है। छात्राये भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करें इसकी पहल हो।उन्हें मार्शल आर्ट की शिक्षा दी जाएं। उन्होंने कहा कि सीबीसीएस  पाठ्यक्रम , विश्वविद्यालय भवन निर्माण तथा शैक्षणिक बिकास की दिशा में कुलपति के द्वारा किये जा रहे प्रयास की प्रशंसा की।                                 इसके पूर्व कुलपति श्री सत्येंद्र नारायण सिंह ने अपने संबोधन  कुलाधिपति और आगत अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कुलपति प्रोफेसर (डॉ) एसएन सिंह ने कहा कि विभिन्न   चुनौतियों का सामना करते हुए विश्वविद्यालय निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध हमारा दायित्व है। मनिका में प्रथम सरकारी कॉलेज की स्थापना की गयी है। विश्वविद्यालय के प्रशानिक भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कुलपति ने कहा कि कंप्यूटरीकरण की दिशा में भी कदम उठाये गए हैं। एनएसएस, एनसीसी खेल और अन्य गतिविधि में यहाँ के छात्र उत्कृष्ठ कर रहे हैं। कुलपति ने विश्वविद्यालय के प्रगति के लिए किये जा रहे प्रयास और विशेष चिंता के लिए माननीय कुलाधिपति का आभार प्रकट किया।                           कार्यक्रम के आरम्भ में कुलपति ने कुलाधिपति को स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र दे कर सममानित किया। इसके पश्चात राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव डॉ राकेश कुमार ने और धन्यवाद ज्ञापन प्रति कुलपति डॉ पवन कुमार पोद्दार ने किया । कार्यक्रम में सिंडिकेट, सीनेट के सदस्य संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, डीआईजी, एसपी, डीसी से सहित कई गण्यमान्य उपस्थित थे। यह जानकारी प्रेस मीडिया कमिटी के संयोजक डॉ एन के सिंह ने दी।