टीपीसी उग्रवादियों के नाम पर लेवी की मांग, ग्रामीणों की पिटायी समेत पलामू की महत्वपूर्ण खबरें एक क्लिक में देखें।

टीपीसी उग्रवादियों के नाम पर लेवी की मांग, ग्रामीणों की पिटायी 

डालटनगंज, 10 अक्टूबर: पलामू जिला अंतर्गत हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाके महुदंड पंचायत अंतर्गत चोरपहरा, कुरदाग और लपसैरा गांव में बीती रात टीपीसी नक्सलियों के नाम पर ग्रामीणों से लेवी की मांग की गयी और नहीं देने पर उनकी जमकर पिटायी की गयी। पिटायी से 70 वर्षीय अनारो देवी, 40वर्षीय जीतेन्द्र यादव व 45 वर्षीय रामाशीष यादव जख्मी हो गए। अनारो को बेहतर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

अनारो सहित अन्य ने बताया कि देर रात टीपीसी के हथियारबंद दस्ते ने गांव में दस्तक दी और उनसे लेवी की मांग करने लगी लगी। लेवी नहीं देने पर उनकी पिटायी की गयी। अनारो ने बताया कि उसने पिटायी का विरोध और बीच बचाव करने लगी तो उसकी भी पिटायी कर दी गयी। 

हुसैनाबाद के थाना प्रभारी रासबिहारी लाल ने बताया कि पुलिस को इसकी सूचना मिली है। कथित उग्रवादियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। 


कलश स्थापना के साथ देवी की अराधना शुरू 

डालटनगंज 10 अक्टूबर: पलामू सहित देशभर में बुधवार को नवरात्र की शुरुआत हो गई है। लोगों ने अपने घरों में कलश स्थापना कर मां भवानी की पूजा अर्चना शुरू की। मंदिरों में भी सुबह से ही मां दुर्गा की स्तुति हो रही है। पूरा शहर भक्ति में रमा है, जो अगले 10 दिनों तक चलेगा। इस दौरान मां देवी की आराधना होगी। मंदिरों में भी कलश स्थापना के साथ सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की गई। वहीं, डालटनगंज शहर और आस-पास क्षेत्रों में बन रहे 50 से अधिक पूजा पंडालों में भी कलश स्थापना के साथ पंडाल को अंतिम रूप देने में कारीगर जुट गए हैं। पूजा से पूर्व जिले के कई क्षेत्रों में आकर्षक और भव्य कलश यात्रा निकाली गयी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अलावा जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों के अलावा गणमान्य लोगों ने भाग लिया।


पलामू में सुखाड़ की स्थिति, निपटने के लिए तैयार रहे प्रशासन: राधाकृष्ण  

डालटनगंज 10 अक्टूबर: मानसून की दगाबाजी से पलामू जिले में एक बर फिर सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। अगस्त, सितंबर और 10 अक्टूबर तक जिले में अल्पवर्षात के कारण खरीफ फसल धान, मक्का, दलहन तेलहन और मोटे अनाज पैदावार पर बुरा असर पड़ा है। 

छत्तरपुर के विधायक और सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने आज अपने नयी मुहल्ला स्थित आवास पर पत्रकार सम्मेलन आयोजित कर जून से अक्टूबर माह तक हुई बरिश का आंकड़ा पेश करते हुए बताया कि 10 अक्टूबर तक केवल 627.26 मिमी बारिश दर्ज की गयी है, जबकि इस दौरान 1141 मिमी सामान्य वर्षापात की आवश्यकता होती है। 

श्री किशोर ने लोगांे को उम्मी थी कि हथिया नक्षत्र में बारिश होगी और भरपाई हो जायेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कृषि विभाग का प्रतिवेदन पेश करते हुए विधायक ने बताया कि जिले में इस वर्ष 41911 हेक्टेयर में धान, 25427 हेक्टेयर में मक्का, 31447 हेक्टेयर में दलहन, 1224 हेक्टेयर में तिलहन और 206 हेक्टेयर भूमि में मोटे अनाज का अच्छादन किया गया है, लेकिन वर्षा की जो स्थिति है, उससे इन फसलों का 70 प्रतिशत उत्पादन क्षतिग्र्रस्त हो जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यदि दो-तीन दिन के अंदर वर्षा नहीं होती है तो जिले में खरीफ फसल को बचा पाना मुश्किल हो जायेगा। 

श्री किशोर ने कहा कि एसी परिस्थिति में जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों को सजग रहने की आवश्यकता है और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। किसानों को होने वाले  नुकसान की भरपाइई चना, राई, सरसों, मसूर, सरगुजा और राजमा की खेती से हो सकती है। उन्होंने जिले के उपायुक्त से आग्रह किया कि वे कृषि विभाग को त्राहिमाम संदेश भेजें, ताकि रांची से आकर अधिकारी स्थितियों की समीक्षा करें और किसानों के लिए राहत की घोषणा की जा सके। इस मौके पर सरईडीह पंचायत के मुखिया नरेश यादव, सूर्यमुखी यादव और गणेश यादव भी मौजूद थे। 

फोटो: पत्रकारो से बातचीत करते राधाकृष्ण किशोर एवं अन्य।


पलामू में डोभा योजना फेल-विधायक राधाकृष्ण किशोर ने गुणवत्ता पर उठाये सवाल

डालटनगंज 10 अक्टूबर: जल प्रबंधन के लिहाज से बनाये गये डोभा पलामू जिले में फेल हो गये हैं। सत्तारूढ़ दल के  मुख्य सचेतक और छत्तरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर खुद डोभा की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने लगे हैं। उनका आरोप है कि सुखाड़ जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में डोभा निर्माण योजना एक महत्वपूर्ण कड़ी थी, लेकिन पदाधिकारियों की लापरवाही से डोभा का कोई लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है।

श्री किशोर ने आज यहां पत्रकारों को बताया कि राज्य की रघुवर सरकार ने जिस मकसद से बड़ी संख्या में डोभा का निर्माण कराया, पदाधिकारियों की लापरवाही से वह मकसद पूरा नहीं हो पा रहा है। श्री किशोर ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र के छत्तरपुर प्रखंड की कालापहाड़ पंचायत के लहंगा गांव और पाटन प्रखंड की सतौबा पंचायत के बलगाड़ा और निमियाडीह डैम वाले गांव में उन्होंने स्वंय कई डोभा की जांच की है, जिनका निर्माण मापदंड के अनुरूप नहीं हुआ है। काला पहाड़ पंचायत मुख्यालय में तो बकरी, मुर्गी, सुकर पालन शेड आदि का निर्माण भी करने को ही हुआ है। 

बीडीओ ने दिया गलत प्रतिवेदन

श्री किशोर ने उपरोक्त आरोपों को संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में गलत बताया है। श्री किशोर ने बीडीओ के प्रतिवेदन पर भी सवाल उठाये हैं। उन्होंने  कहा कि बीस सूत्री क्रियान्वयन समिति की बैठक में एक विधायक द्वारा उठाये गये विषय की जांच की जिम्मेवारी उसी पदाधिकारी को देने का क्या औचित्य है, जिन पर आरोप लगाया गया हो। श्री किशोर ने आरोप लगाया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बिना स्थल जांच किये अपना प्रतिवेदन तैयार कर दिया। 6 अक्टूबर को नगर विकासमंत्री सीपी सिंह की अध्यक्षता में हुई बीस सूत्री क्रियान्वयन समिति की बैठक में भी श्री किशोर ने बीडीओ के द्वारा गलत प्रतिवेदन देने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया था कि अगल डोभा से संबंधित आरोप गलत साबित होंगे तो वे विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दंेगे। 

डीसी को लिखा पत्र

बीडीओ के गलत प्रतिवेदन से खफा श्री किशोर ने उपायुक्त को  पत्र लिखकर अपनी भावना व्यक्त की है। उन्होंने जिले के किसी वरीय अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।