कृषि अर्थव्यवस्था और संस्कृति की धुरी- रघुवर दास, मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने सरायकेला दुगनी के संजय नदी पर 95.43 करोड़ की लागत से बराज योजना का शिलान्यास किया। 2021 तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण होगा.

मुख्यमंत्री सचिवालय, रांची

कृषि अर्थव्यवस्था और संस्कृति की धुरी- रघुवर दास, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने सरायकेला दुगनी के संजय नदी पर 95.43 करोड़ की लागत से बराज योजना का शिलान्यास किया। 2021 तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण होगा.

दुगनी बराज के परियोजना से 413 हेक्टयर खरीफ और 256 हेक्टेयर रबी फसल कृषि भूमि पर सिंचाई हो पाएगी

2011 में जब मैं सरायकेला स्थित दुगनी गया था, तब सड़क किनारे खड़े किसानों ने सिंचाई हेतु बराज परियोजना की थी। मैंने उस वक्त कहा था आपकी इस मांग की मैं आवाज बनूंगा। तभी से इसके लिए प्रयासरत था। गम्हरिया प्रखंड के डोडा, सिमबेड़ा, चामरा, रंगरशाही, उज्जैनपुर व अन्य गांव के किसानों के समक्ष दुगनी बराज परियोजना का शिलान्यास कर रहा हूँ। *बस एक बार इस क्षेत्र में भिंडी की लहलहाती फसल और किसानों के चेहरे पर फैली मुस्कान देखना चाहता हूं।* 95.43 करोड की लागत से 2021 तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण होगा। इसके बाद न सिर्फ आपकी फसलें लहलहायेगी बल्कि आप आर्थिक स्मृद्धि की ओर अग्रसर भी होंगे। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही। श्री रघुवर दास शनिवार को सरायकेला में दुगनी बराज परियोजना के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। श्री रघुवर दास ने कहा कि परियोजना पूर्ण होने पर 413 हेक्टेयर खरीफ व 256 हेक्टेयर रबी फसल की भूमि सिंचित होगी। 


सिर्फ सिंचाई का पानी ही नहीं शुद्ध पेयजल भी मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना के माध्यम से ना सिर्फ किसानों के खेतों की सिचाई चाहती है बल्कि घर घर पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति करना भी है।  सरकार का प्रयास है किसी की भूमि इस योजना में नहीं ली जाए। श्री रघुवर दास ने संबंधित विभाग को निदेश दिया कि एक सप्ताह के अंदर कार्य आरंभ करवा दें। साथ ही कार्य की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। जिसकी जानकारी उन्हें समय समय पर मिलनी चाहिए। 

जल प्रबंधन जरूरी ; सरकार इसपर कार्य कर रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 60 %जनता गांव में निवास करती है, जो कृषि पर अधिक निर्भर है। ऐसे में जल का प्रबंधन सिंचाई और पेयजल के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार जल प्रबंधन हेतु क्रियाशील है। यही वजह रही कि सरकार गठन के बाद सिंचाई हेतु माध्यम और लघु योजनाओं पर हमने ध्यान दिया। माध्यम सिंचाई योजना के तहत 5 नई योजना कोडरमा, डहरवाली, बुढई व अन्य योजना 1 हजार 58 करोड की लागत से प्रारम्भ कराया। लघु सिंचाई योजना के तहत 931 करोड़ की योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। 50 अपूर्ण योजना है जहां सिंचाई हो सकती है, इसका कार्य 1 हजार 565 करोड़ की लागत का कराया जा रहा है। 26 नई योजना पर कार्य हो रहा है। जल संकट झेल रहे पलामू में सोन और कनहर नदी से जलापूर्ति हेतु 1 हजार 64 करोड़ की लागत से कार्य का शुभारंभ जल्द होगा। केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है इस निमित कार्य ही रहें हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुणा इजाफा किया गया जिसकी चिंता आजादी के बाद किसी ने नहीं की। 


नवंबर तक सरायकेला का एक एक घर बिजली से आच्छादित होगा।

2018 तक राज्य के सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। राज्य के दो जिला को पूर्ण रूप से बिजली से आच्छादित कर दिया गया है। नवंबर तक सरायकेला के सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। इस दिशा में लगातार कार्य ही रहा है। 2018 तक हर घर तक बिजली और 2019 तक चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर सरकार चल रही है। श्री दास ने कहा कि सर्वांगीण और समावेशी विकास के हम पक्षधर हैं। झारखण्ड इकलौता राज्य है जहां उज्ज्वला योजना के तहत चूल्हा मुफ्त दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत के तहत 28 लाख लोगों को योजना का लाभ मिल पाता, लेकिन सरकार ने राज्य कोष से 400 करोड़ प्रदान कर 57 लाख लोगों को योजना से लाभान्वित किया। आप भी जागरूक बनें। क्योंकि जहां जनता जागरूक होती है वहां विकास स्वतः आता है। राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता अगर ठान ले तो झारखण्ड दुनिया का विकसित राज्य बन कर रहेगा। 

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु शिक्षकों की बहाली जल्द

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 38 हजार स्कूलों में बेंच और डेस्क की व्यवस्था करा दी गई है। अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु 18 हजार हाई स्कूल के शिक्षकों की बहाली नवंबर तक सुनिश्चित करने का प्रयास होगा। ताकि सभी विषय के अलग अलग शिक्षक स्कूलों में पढ़ा सकें। श्री रघुवर दास ने कहा कि वर्तमान सरकार ने स्थानीय नीति तय कर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान किया, जिसमें 95 फीसदी स्थानीय युवा शामिल हैं। राज्य की 17 लाख महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हुई हैं। महिलाओं को 90% अनुदान पर 2 गाय उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे स्वावलंबन की ओर अग्रसर हों सकें। मत्स्य पालन में नीली क्रांति आ चुकी है अब हमें श्वेत क्रांति का आगाज करना है, क्योंकि 400 करोड़ का दूध हम बाहर से खरीदते हैं। राज्य के युवा इस ओर ध्यान दें और पशुपालन में स्वरोजगार की संभावना तलाश करें। 

                नियुक्ति पत्र दिए गए

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग में अनुकंपा के आधार पर निम्नवर्गीय लिपिक पद के लिए साथ महिला व पुरुष को नियुक्ति पत्र सौंपा। नियुक्ति पत्र पाने वालों में श्रीमती रेणु देवी, श्री देव प्रकाश सिंह, सोनी कुमारी, कौशलेंद्र कुमार, अदिति पांडेय, अनूप चंद्रा और मनीष कुमार शामिल हैँ। 

मौके पर मंत्री जल संसाधन एवं स्वच्छता विभाग श्री चंद्र प्रकाश चौधरी, सांसद श्री लक्ष्मण गिलुवा, विधायक खरसांवा श्री दशरथ गगरई, विधायक ईचागढ़ श्री साधूचरण महतो, अपर मुख्य मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग श्री अरुण कुमार सिंह, प्रमंडलीय आयुक्त कोल्हान श्री विजय कुमार सिंह, उपायुक्त एवं एसपी व अन्य उपस्थित थे।