अकाल को लेकर झारखंड राज्य किसान सभा लातेहार ने किया 8 कि0मी0 मार्च, सभा की ,

अकाल को लेकर झारखंड राज्य किसान सभा लातेहार ने किया 8 कि0मी0 मार्च, सभा की ,

 विरोधी देश का चौंकीदार और भाजपा की रघुवर सरकार,


कौड़ी के भाव में किसानों की जमीन का किया जा रहा है अधिग्रहण,

चंदवा - झारखंड राज्य किसान सभा लातेहार द्वारा जिले में हुए अकाल व कौड़ी के भाव में किसानों की जमीन का हो रहे अधिग्रहण आदि को लेकर चंदवा के पेंशनर समाज परिसर में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया, इसके पुर्व किसानों ने भंडारगढ़ा से मार्च निकाला, जो भुसाढ़ होते हुए कुजरी, श्री राम चौंक, सुभाष चौंक , मेन रोड होते हुए पेंशनर समाज परिसर पहुंचकर सभा में तबदील हो गया, इसमे शामिल लोग किसान विरोधी रघुवर मोदी सरकार होस मे आओ, बीराटोली महुआमिलान की अधिग्रहीत भुमि का मुआवजा बढ़ाओ आदि सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे, मार्च का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अयुब खान व बरन गंझु कर रहे थे, 

सभा की अध्यक्षता पचु गंझु ने की संचालन बालेश्वर उरांव कर रहे थे, सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अयुब खान ने कहा लातेहार जिला मे प्रयाप्त वर्षा नहीं होने के कारण किसानों की खेतों मे खड़ी धान फसल सुख कर पुरी तरह बर्बाद हो गया है, जिला मे अकाल पड़ गया है, किसानों की कमर टुट गई है वे कंगाल हो गए हैं, उधार कर्ज के तले दबे हुए हैं, निरास और हतास हैं, रोजी रोटी की चिंता उन्हें सता रही है, और उनके समक्ष भुखों मरने और रोजगार के लिए पलायन की स्थिति उत्पंन हो गई है, जिले के सभी नौ प्रखंडों मे धान फसल सुखा पड़ा है,  अकाल की गिरफ्त मे है जिला, किसानों का गुस्सा फुट रहा है और सरकार सोई हुई है, अजादी के बाद पहली बार देश के चौंकीदार व राज्य की भाजपा नेतृत्व वाली रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में किसान बदहाली पर पहुंच गए हैं, सीपीएम के जिला सचिव सुरेंद्र सिंह, कमल गंझु, रसीद मियां, पुसन गंझु, रमजान साई चिस्ती , रूपन गंझु ने कहा किसानों की आय साल में दुगना करने, किसानों की सरकार कहलाने वाले वर्तमान सरकार अकाल होने पर चुप्पी साध ली है, किसानों की त्रृण मॉफ करने की केंद्र सरकार का वादा जुमला साबित हुआ, किसान विरोधी है देश का चौंकीदार और राज्य की भाजपा सरकार, बीराटोली -महुआमिलान बीजी नई रेल लाइन मे अधिग्रहण की जा रही भुमि की मुआवजा मे सरकार भेदभाव बरत रही है, हम किसान विकास विरोधी नही है विकास चाहते हैं, लेकिन अपना हक मारने नहीं देंगे, कामता मे 65 हजार रूपये प्रति डी0 भुमि का मुआवजा सरकार दे रही है, वहीं चार कदम दुरी भुसाढ़ और भंडारगढ़ा मे 21 हजार रुपये प्रति डी0 मुआवजा देने की बात प्रशासन कर रही है जो किसानों के साथ भेदभाव है, मालगुजारी मे समानता है तो मुआवजा भुगतान मे भी समानता होनी चाहिए, टोरी रेलवे क्रॉसिंग की जाम से आम जनता त्रस्त है, बैक द्वारा सख्ती से केसीसी त्रृण वसुली किए जाने पर किसान आतंकित हैं, 2016 -17- 18 की फसल बीमा का भुगतान नहीं होने से किसान ठगा महसुस कर रहे हैं, जमीन की हाल सर्वे खतीयान मे भारी गड़बड़ होने से गरीब किसान कोर्ट कचहरी और अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, इन मॉगों पर संज्ञान लेकर अकालग्रस्त छेत्र घोषित कर अकाल मैनुअल के तहत किसानों के बीच सरकार राहत कार्य चलाए, तथा मुआवजा मे हो रहे भेदभाव को समाप्त किए जाएं, आज भी कई ऐसे गरीब परिवार है जो खाद्य सुरक्षा व सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से वंचित हैं, काम के अभाव में किसान मजदुर पलायन कर रहे हैं, शिचाई के लिए डीजल पंपसेट आदि उपकर्ण किसानों को नही मिल पा रहा है, कहा किसानों तथा गरीब मजदुरों का हक छिन कर पुंजीपतियों के जेब भरी जा रहा है, महंगाई चरम पर है, खाद्य बीज और पेट्रोलियम पदार्थ के दाम आसमान छु रहे हैं, इस सरकार से भला की उम्मिद नहीं की जा सकती है, शीघ्र ही लातेहार जिला को अकालग्रस्त छेत्र घोषित नहीं किया एवं भुसाढ़ भंडारगढ़ा जमीरा आदि गॉवों के किसानों को 65 हजार प्रति डी0 मुआवजा भुगतान नहीं किया गया तो किसान सभा लॉग मार्च राजभवन व समाहरणालय तक करेगी,

अंत में मुख्यमंत्री के पदनाम 16 सुत्री ज्ञापन प्रखंड कार्यालय को सौंपा गया जिसमे  लातेहार जिला को अकालग्रस्त छेञ घोषित कर अकाल मैनुअल के तहत किसानों को राहत दिया जाय! 

टोरी जंक्शन रेलवे क्रॉसिंग मे फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जाय!

 वीरा टोली - महुआमिलान वीजी रेल लाइन मे भुसाढ़ भंडारगढ़ा आदि गॉव के किसानों की अधिग्रहण की जा रही भुमि का मुआवजा प्रति डिस्मिल 65 हजार रूपया भुगतान किया जाय तथा मुआवजा भुगतान के बाद ही भुमि का अधिग्रहण किया की जाय! तथा मुआवजा मे भेदभाव खत्म किया जाय! 

 किसानों, गरीबों, और मजदुरों का बैंक के केसीसी व कृषि के सभी प्रकार की कर्जों से पुर्ण मुक्त किया जाय व श्रृण वसुली पर रोक लगाई जाए!

स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुरुप सभी फसलों के लागत मूल्य का ढेढ़ गुना भाव किसानों को दिया जाए और लागत कीमत को घटाया जाए, तुरंत प्रभाव से जमीन, जोतने वाले के नाम की जाए और वनअधिकार कानुन लागु किया जाय, सभी गरीब व मझोले किसानों और खेत मजदूरों को 5 हजार रुपया महिना पेंशन दी जाए, किसान हितैषी सर्वसमावेशी फसल बीमा योजना लागु की जाय जिसके तहत फसल आय में घाटा, परिवार का स्वास्थ्य बीमा व पशुओं का बीमा शामिल हो, राष्ट्रीय समाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित वृद्धा विधवा और दिब्यागों को जोड़ा जाय, बंद पड़े पेंशनधारियों का पेंशन चालु किया जाय!

खाद्य सुरक्षा योजना मे छुटे हुए व कटे हुए सभी गरीब परिवारों को जोड़ा जाय!

विकास कार्य तेज कर किसानों व श्रमिकों का पलायन रोका जाय!

वर्ष 2016 -  2017 और 2018 का फसल बीमा की राषी किसानों को भुगतान किया जाय!

हाल सर्वे खतियान मे हुई गड़बड़ी को शिविर लगाकर ठीक की जाय और जीएम लैंड की जमीन का अॉनलाईन राजस्व रसीद निर्गत किया जाय!

मनरेगा मजदुरों को प्रत्येक दिन 300 रूपया मजदुरी तथा बकाया मजदुरी का भुगतान किया जाए, सभी मजदुरों को जॉब कार्ड दिया जाय, फसल छतिपुर्ति 20 हजार प्रति एकड़, तथा शिचाई के लिए किसानों को डीजल पंप एवं बिजली नि: शुल्क देने की  अनुरोध कि गई है,

मौके पर साजीद खान, प्रेम उरांव, मनोज गंझु, बैजनाथ ठाकुर, सुदेशी गंझु, दिवाली गंझु, गुजरा गंझु, बालगोबिंद गंझु, ललु गंझु, दसवा परहैया, मनु उरांव, लाल मोहन गंझु, खाध्या उरांव, झुबा उरांव, सुलेनद्र गंझु, फहमीदा बीवी, लछमी देवी, राधा देवी, निरासो देवी, आशा देवी, सरीता देवी, सुनीता देवी, कशीरन बीवी, ममता देवी, पार्वती देवी, छोटी देवी, समेत सैंकड़ो महिला पुरूष शामिल थे!