सांसद ने की प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा

सांसद ने की प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा 

डालटनगंज 1 नवम्बर: बहुत जल्द मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र की सूरत बदलने          वाली है। सड़क, नाली और जलापूर्ति की योजनाओं पर 250 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे, जो एशियन डेवलेपमेंट बैंक से प्राप्त ऋण से वित्तपोषित होगी। नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार साव ने थर्ड आई को बताया कि प्रास्तावित परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति जल्द मिल जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष दिसम्बर के अंतिम सप्ता में इसका टेंडर हो जायेगा। 

इस सिलसिले में कल शाम पलामू के सांसद वीडी राम ने एक महत्वपूर्ण बैठक भी की। बैठक में झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कंपनी लिमिटेड, रांची के उप परियोजना निदेशक उत्कर्ष मिश्रा, सामाजिक विशेषज्ञ रामाशीष रजक, परियोजना प्रबंधक अनूप प्रीतम सोरेन, वरीय नगरीय अभियंता कुमार मृणाल और सहायक परियोजना प्रबंधक सौरभ कुमार भी मौजूद थे। बैठक में भाजपा के प्रदेश मंत्री मनोज कुमार सिंह भी शामिल हुए। इसका संचालन नगर गिम के कार्यपालक पदाधिकारी अजय साव ने किया। 

बैठक के दौरान शहर के समेकित विकास की रूपरेखा पर परामर्शी टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड और एसीपीएल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। साथ ही परामर्शी समर्थ इन्फ्राटेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा हुसैनाबाद जलापूर्ति योजना पर भी प्रजेंटेशन दिया गया। 

किन योजनाओं पर होगा काम

प्रस्तावित 250 करोड़ की परियोजनाओं के तहत शहर के प्रमुख मार्गों के चैड़ीकरण, सड़क  किनारे वर्षा जल निकासी नाली, यूटिलिटी सर्विसेज के लिए डक्ट, जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन, इंटेक वेल और सात जलमीनार बनाने का प्रस्ताव है। इसके तहत 27 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया जायेगा और चैक-चैराहों का सौंदर्यीकरण भी होगा। 

नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के पहले कुलपति डा. सलील राॅय का निधन

डालटनगंज, 1 नवम्बर (थर्ड आई): नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के पहले कुलपति डाॅ. सलील राय का निधन हो गया है। डाॅ. राय लिवर कैंसर से पीड़ित थे। उनका इलाज दिल्ली में चल रहा था। लिवर कैंस की शिकायत के बाद डा. राय को इलाज के लिए दिल्ली में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को दिल्ली में ही किया जायेगा। उनका पुत्र जर्मनी से दिल्ली पहुंच रहे हैं। 

लंबे संघर्ष के बाद पलामू में नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी। स्थापना के बाद बतौर कुलपति कार्य करना काफी कठिन था, लेकिन डा. राय ने इसे चुनौती के रूप में लिया और विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के शैक्षणिक विकास के लिए कई स्मरणीय कार्य किए। 

डा. राय सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद वे निजी विवि वाइबीएन के कुलपति भी रहे थे। राज्य सरकार ने उन्हें रिम्स में तृतीय और चतुर्थवर्गीय पदों पर बहाली के लिए नियमावली बनाने की जिम्मेवारी सौंपी थी। डा. राय के निधन से शिक्षा जगत में शोक की लहर है। राज्यपाल सहित कई शिक्षाविदों और शैक्षणिक कार्यों की देखरेख कर रहे अधिकारियों ने शोक संवेदना व्यक्त की है।   

निधन की खबर मर्माहत करने वाली: डा कुमार विरेन्द्र 

जीएलए काॅलेज के हिन्दी विभाग में सेवा देकर इलाहाबाद चले गए डा. कुमार विरेन्द्र ने बताया कि डा. सलील राय के निधन की खबर मर्माहत करने वाली है। बीते 23 दिसंबर को सीनेट की बैठक के दौरान बेतला में उनसे मुलाकात भी हुई थी और अभी जुलाई के पहले हफ्ते में उनसे फोन पर बात हुई थी। अभी उनके जाने का समय नहीं था, पर काल की गति को कौन रोके, स्मृतियाँ शेष हैं। 

17 जनवरी 2009 को एनपीयू के कुलपति बनाए गए थे डा. राय ए

नपीयू के बतौर संस्थापक कुलपति के रूप में 17 जनवरी 2009 को योगदान दिया था और 23 जनवरी को पहली बार बतौर कुलपति रांची से पलामू आये थे। 6 फरवरी 2009 को जीएलए कॉलेज शिक्षक संघ ने उनका स्वागत किया था। तकरीबन डेढ़ वर्षों के बाद वह कोल्हान विश्वविद्यालय के वीसी होकर चाईबासा चले गए थे।