यौन शोषण के आरोप में युवक को पकड़ कर किया पुलिस के हवाले

                                                यौन शोषण के आरोप में युवक को पकड़ कर किया पुलिस के हवाले

मेदिनीनगर। नावाजयपुर थाना क्षेत्र के खजुरी गांव में ग्रामीणों ने मंसूर आलम नामक 32 वर्षीय  युवक को गांव के ही एक महिला के साथ यौन शोषण करने के आरोप में पकड़ कर पुलिस के हवाले  कर दिया। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर पकड़े गए आरोपी को जेल भेज दिया है। पकड़ा गया आरोपी पाटन थाना के सगुना गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।  नावाजयपुर थाना प्रभारी के अनुसार आज सुबह लगभग सात बजे खजुरी गांव में ग्रामीणों द्वारा यौन शोषण के आरोपी मंसूर को पकड़े जाने की सूचना मिली थी। जिसके सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए वे पाटन थाना प्रभारी नूतन मोदी के साथ घटना स्थल पर गये और पीड़िता का बयान दर्ज किया। जिसके बाद पुलिस आरोपी मंसूर को गिरफ्तार कर थाने ले आई।


                                                                       उमरा के लिए रवाना हुए

छतरपुर। छत्तरपुर प्रखंड से पांच लोग उमरा के लिए आज मक्का-मदीना रवाना हुए। रवाना होने से पहले मौलाना जुनैद मिस्बाही के घर पर जलसा का आयोजन किया किया गया।  इसमें काफी संख्या में मुस्लिम शामिल हुए। लोगों ने हज-ए-उम्रा के लिउ जानेवाले से दुआ और दीदारे मदीना जाने की अर्जी लगायी। मौलाना जुनैद मिस्बाही ने कहा कि तमाम लोगों के साथ अपने मुल्क के लिए अमन-चैन, भाईचारगी बना रहे और मुल्क की तरक्की के लिए दुआ मांगी जायेगी। छत्तरपुर से पहलीबार हज़- ए-उम्रा के लिए एक जत्था निकली। जाने वाले में से मौलाना जुनैद मिस्बाही मसिहनी, हाफिज मुनीर साहब मन्देया, करिअसलम मुनकेरी, हाज़ी ताजीम खैरादोहर, अनवर अंसारी खैरादोहर है के नाम शामिल है।

                                                सीआरपीएफ एवं जिला बल की कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता 

                                                    मनातू के जंगल से हथियारों का जखीरा बरामद 

                                      पत्थरों की फांक में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए थे राइफल और गोली

मेदिनीनगर। जिले के मनातू थाना क्षेत्र के धूमखांड़ जंगल से सीआरपीएफ एवं जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गये हथियारों का जखीरा बरामद किया है। बरामद हथियारों में 5 राइफल एवं 153 गोलियां शामिल हैं। पुरे मामले की जानकारी देते हुए पलामू के एसपी इंद्र्रजीत महथा ने आज पत्रकारों को बताया कि मनातू थाना के धूमखांड़ स्थित विद्यालय के उŸार-पूर्वी पहाड़ी पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी द्वारा हथियार छिपा कर रखे जाने एवं भविष्य में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आलोक में मनातू थाना एवं सीआरपीएफ 134 बटालियन द्वारा पहाड़ी पर सर्च अभियान चलाया गया। इसी क्रम में पहाड़ी पर पत्थरों की फांक में प्लास्टिक के तिरपाल में सुरक्षित ढंग से छिपाकर रखे गए पांच राईफल एवं 30.06 का 153 चक्र गोली बरामद हुआ। एसपी श्री महथा ने बताया कि यह मामला मनातू थाना में कांड संख्या 51/18 दर्ज किया गया है। छापामारी दल में अभियान एसपी अरूण कुमार सिंह, सीआरपीएफ के द्वितीय कमान अधिकारी टीएम पैथे, सहायक अवर निरीक्षक नरेश प्रसाद यादव समेत क्यूआरटी के जवान व सैट के जवान शामिल थे। बताया जाता है कि वर्ष 2017 के फरवरी माह में माओवादियों के खिलाफ मनातू थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे सर्च अभियान के दौरान हार्डकोर नक्सली संदीप और परमजीत द्वारा उक्त हथियार छिपाए जाने की संभावना है। 

                                                               बहुआयामी व्यक्ति थे श्रीपति सिंह: हृदयानंद 

मेदिनीनगर। श्रीपति सिंह ने सामाजिक, राजनैतिक एवं गरीबों के हित के अलावा कला, संस्कृति एवं खेलकूद में भी जीवनभर पलामू में यादगार सेवा दी है, जो सदैव इतिहास के पन्नों पर अंकित रहेगा। उक्त बातें राजीव गांधी विचार समिति के प्रमंडलीय संयोजक सह वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हृदयानंद मिश्र ने कही है। अपने शोक संवेदना संदेश में उन्होने कहा है कि श्रीपति सिंह किसी गरीब को सिर्फ आर्थिक मदद ही नही करते थे, बल्कि खुद उपस्थित रहकर सामाजिक कार्यों में समर्पित भाव से लगे रहते थे। श्री मिश्रा ने कहा है कि श्रीपति सिंह के निधन से हुई अपूरणीय क्षति की निकट भविष्य में भरपाई संभव नही है। 

                                                                 डाॅ. सलिल राॅय का निधन अपूरणीय क्षति: प्रियरंजन

मेदिनीनगर। नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति डाॅ. सलिल राॅय के निधन पर छतरपुर के सड़मा स्थित गुलाबचंद प्रसाद अग्रवाल इंटर काॅलेज में शोक सभा आयोजित की गई और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत राॅय को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर काॅलेज के प्राचार्य प्रियरंजन पाठक ने डाॅ. राॅय के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे विश्वविद्यालय के स्थापना काल से ही इसके विकास में लगे रहने वाले पहले कुलपति थे। नवस्थापित विश्वविद्यालय के विकास में डाॅ. राॅय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय को उंचाईयों पर पहुंचाया। श्री पाठक ने कहा कि डाॅ. राॅय जैसे शिक्षा प्रेमी का निधन शिक्षक समाज के लिए बड़ी क्षति है। शोक सभा में काॅलेज के शिक्षक सुजित कुमार, स्वस्ति कुमारी, अर्चना कुमारी एवं विकास कुमार तथा कर्मचारियों में आलोक, सुरेन्द्र, उŸाम, प्रमोद, रामविलास एवं आशा के साथ रामपति, मंजू, प्रियंका, विभा, शिला, दिलरूबा एवं रागिनी आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।