पलामू जिला के पांकी प्रखंड मुख्यालय में आइसा का सड़क पर स्कूल कार्यक्रम।

                                              सीसीटीवी सिर्फ परीक्षाओं में क्यूं, कक्षाओं में क्यूं नहीं?

स्कूलों में जब तक नहीं मिलेंगी शिक्षा अनुकूल, हम लगाएंगे सड़क पर स्कूल।

पलामू जिला के पांकी प्रखंड मुख्यालय में आइसा का सड़क पर स्कूल कार्यक्रम। विधिवत रूप से क्लास भी चली, अजय एकेडमी के अजय सर व राजेश सर ने छात्रों को पढ़ाया।

सड़क पर स्कूल कार्यक्रम में आइसा के छात्रनेता त्रिलोकीनाथ ने कहा कि Right To Education Act  के तहत उच्च विद्यालयों में छात्र, शिक्षक का अनुपात 30:1 का होना चाहिए परन्तु प्रोजेक्ट हरिवंश नारायण बालिका उच्च विद्यालय, पांकी में , 1000 छात्र- छात्राओं पर सिर्फ एक शिक्षक है, कम्प्यूटर नहीं है, प्रयोगशाला नहीं है, पुस्तकालय नहीं है और यही स्थिति लगभग पांकी के सभी हाई स्कूलों का है। 

मैट्रिक व इंटर की परीक्षाएं अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में लिया जा रहा है, जिसका लाइव फ़ीड रांची बैठा पदाधिकारी भी देख सकता है। इतना खर्च और प्रयास परीक्षा बेहतर करने के लिए फिर छात्रों को पढ़ने के लिए कम्प्यूटर क्यों नहीं? कम्प्यूटर शिक्षक क्यूं नहीं?

मैट्रिक की परीक्षाओं में तीन प्रायोगिक विषय है परन्तु किसी भी विद्यालय में 1 प्रयोगशाला भी नहीं है। ऐसी स्थिति देखकर लगता है कि सरकार बिना पढ़ाए कठिन परीक्षा लेकर, विद्यार्थियों का रिजल्ट खराब करना चाहती है और खराब रिजल्ट को आधार बनाकर सरकारी शिक्षा ही बंद कर देना चाहती है।

2018 में स्मार्ट क्लास, सर्वांगीण विकास हेतु स्पोर्ट्स और आर्ट्स के स्पेशल क्लास, काउंसलिंग टीचर करने की बजाए हमे शिक्षक, कम्प्यूटर, प्रयोगशाला जैसी मूलभूत सुविधाएं का मांग करना पड़ रहा है। राज्य के स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं नहीं है और मुख्यमंत्री कहते हैं राज्य प्रतिभाओं कि कमी है। राज्य में प्रतिभाओं कि नहीं बेहतर सुविधाओं की कमी है।

स्कूलों में शिक्षकों की कमी के वजह से छात्र पूर्णतया कोचिंग पर निर्भर हैं परन्तु पिछले 3-4 वर्षों से अधिकतर छात्रों को छात्रवृति भी नहीं मिला है जिस कारण कोचिंग करना भी छात्रों के लिए मुश्किल है। छात्रवृत्ति विभाग की लापरवाही या यूं कहे विभाग के अधिकारियों के रिश्वत की चाह के कारण, छात्रों को नहीं मिल पा रही है।

स्कूलों में इतनी समस्याएं होने के बावजूद कोई भी जनप्रतिनिधि, विधायक, सांसद, विधानसभा - सांसद प्रत्याशी, छात्रों की समस्यायों को, शिक्षा के स्तर को बेहतर करने का प्रयास कर रहा है। शायद प्राइवेट स्कूलों के मालिक होने की वजह से ये लोग सरकारी स्कूलों को बेहतर करना ही नहीं चाहते। 


ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, सड़क पर स्कूल अभियान के माध्यम से सरकारी स्कूलों में गिरते शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के लिए सरकार को मजबुर करेगी। और जब तक स्कूलों में बेहतर सुविधाएं नहीं मिलेंगी, स्कूलों के बच्चे सड़क पर उतरेंगे और बेहतर शिक्षा की मांग करेंगे। शिक्षा हमारा अधिकार है और हम इसे लेकर रहेंगे। 

सड़क पर स्कूल कार्यक्रम में आइसा के मोनू सोनी, सुरेन्द्र गोस्वामी, कैफ, रौशन, शाहिद, इजहार अली, दिव्या भगत और अविनाश रंजन विकाश कुमार आफरीन प्रवीण नाजिया सुमन प्रिया के साथ सैकड़ों छात्र छात्राएं उपस्थित थें।