मिस झारखंड बनी प्रेरणा हाजरा ने कहा, प्रोफेशनली डॉक्टरी लाइन लेकिन शौक डांसिंग और मॉडलिंग

                                     मिस झारखंड बनी प्रेरणा हाजरा ने कहा, प्रोफेशनली डॉक्टरी लाइन लेकिन शौक डांसिंग और मॉडलिंग 

धनबाद - बचपन से ही मेरी मॉडलिंग और डांस  में काफी रुचि थी इसलिए पढ़ाई के साथ अपने शौक को पूरा करने के लिए पूरी लगन के साथ डांस और मॉडलिंग सीखते गए और जैसे-जैसे में हमारी उम्र बढ़ती गई मैं अपना मुकाम हासिल करता गया. उक्त बातें प्रख्यात गाइनोकोलॉजिस्ट डॉक्टर विकास हाजरा की पुत्री 2018 मिस झारखंड बनी प्रेरणा हाजरा ने एक खास बातचीत के दौरान कही. उन्होंने बताया कि बचपन से ही मेरी कुछ अलग करने की सोच थी इसलिए मैंने अपनी पढ़ाई के साथ डांस और  मॉडलिंग के क्षेत्र में ध्यान दिया. उन्होंने यह भी कहा कि हमारा खानदानी पेशा डॉक्टरी लाइन से जुड़ा है और हमारे मम्मी पापा भी डॉक्टर हैं, इसलिए डॉक्टर तो में जरूर बनता लेकिन हमारी मंजिल सिर्फ डॉक्टर बनना नहीं है बल्कि मैं अपने दादू की कुर्सी तक पहुंचना चाहती हूं जिससे मैं लोगों की सेवा कर सकूं. मैं अभी एमबीबीएस सेकंड ईयर की छात्रा हूं और मेरा एक्जाम भी नजदीक आ गया है. इसलिए मैं अभी मॉडलिंग पर थोड़ा कम ध्यान देकर पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दुंगी. एग्जाम के बाद मैं पुणे जाऊंगी टीआरए केंद्र में जिसके लिए बात हो चुकी है. प्रोफेशनल रूप से मैं डॉक्टर ही रहूंगी लेकिन शौक हमारा मॉडलिंग,डांसर का रहेगा.

                                                    ब्लैक बेल्ट में गोल्ड मेडलिस्ट

मिस झारखंड प्रेरणा हाजरा ने कहा कि मैं जब  क्लास 6 में पढ़ती थी  उस वक्त स्कूल में मेरी कोई दोस्त नहीं थी क्योंकि हमारे पापा शुरू से ही हम लोग के प्रति काफी गंभीर रहते थे इसलिए उन्होंने हमारे साथ एक गार्ड को  लगा दिया. पढ़ाई के दौरान ही इसे देखते हुए हमारे मन में एक ख्याल आया आत्मनिर्भर बनने का. इसलिए मैंने कराटे सीखा. इंटर कंप्लीट होते होते मैंने ब्लैक बेल्ट हासिल किया. कराटे सीखने के दौरान है अच्छे-अच्छे खिलाड़ियों को  मात  दे देती थी तब हमारे पापा को लगा कि हमारी बेटी आत्मनिर्भर हो चुकी है. पापा की हिम्मत को देखते हुए मेरा हौसला और बुलंद हो गया,  मैं स्टेट लेवल पारकर नेशनल  में पहुंची. यहां भी मैंने  अच्छा परफॉर्मेंस किया. इसके बाद मुझे श्रीलंका भेजा गया, जहां मैंने गोल्ड मैडल हासिल कर अपने देश का नाम किया, फिर मुझे सिंगापुर भी भेजा गया, वहां हमने सिल्वर जीता.

                                               हर साल मिस झारखंड बनने का आता है मौका

हर साल मिस झारखंड बनने का आता है मौका इसलिए जो लोग इस बार नहीं बने वे लोग मायूस नहीं हों, प्रयास करते रहें जरूर एक दिन बनेंगे, लक की भी बहुत अहमियत होती है.