ग्रामीणों के मार्ग विवाद के चले तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय बना छावनी

                                          ग्रामीणों के मार्ग विवाद के चले तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय बना छावनी

गोड्डा जिले में बनी तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय का विवादों से पुराना नाता रहा है. 2005-06 से बन रहे इस महाविद्यालय के अब अच्छे दिन आए हैं और पांच दिन बाद यहां पढ़ाई शुरू होने वाली है. लेकिन एक बार फिर महाविद्यालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. बुधवार की दोपहर अचानक इस महाविद्यालय के चारों तरफ बनायी जा रही चाहरदिवारी को आस पास के ग्रामीणों ने बंद करवा दिया.

दरअसल गोड्डा के इस क्षेत्र के ग्रामीण अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर विरोध जताते हुए कह रहे हैं कि इस कॉलेज परिसर के बीचों बीच जो सड़क गुजरती है वो कई गांवों तक पहुंचने का एक मात्र साधन है जिसे बिना किसी वैकल्पिक रास्ते के बंद किया जा रहा है. ग्रामीण चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के रूप में स्थानीय लोगों को नियोजित करने की भी मांग कर रहे हैं. दो दिनों पूर्व समाहरणालय परिसर में उपायुक्त ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान बड़े हर्ष के साथ इस महाविद्यालय में आगामी 19 नवम्बर से पठन पाठन शुरू होने की घोषणा की थी....