पलामू- पारा शिक्षकों पर लाठी चार्ज की चौतरफा निंदा , पारा शिक्षकों पर लाठी चार्ज निंदनीय : श्वेतांक , तानाशाह रघुवर सरकार को चुनाव में जवाब देगी जनता : बिट्टू

                                                                          पारा शिक्षकों पर लाठी चार्ज की चौतरफा निंदा

मेदिनीनगर। झारखण्ड स्थापना दिवस पर रांची में स्थायीकरण व वेतनमान समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पारा शिक्षकों पर हुई लाठी चार्ज की चौतरफा निंदा हो रही है। कई राजनीतिक, सामाजिक व शिक्षक संगठनों ने पारा शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन करते हुए लाठी चार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है।


                                                            पारा शिक्षकों पर लाठी चार्ज निंदनीय : श्वेतांक

मेदिनीनगर।  भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री श्वेतांक गर्ग ने कहा है कि पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज और नजरबंदी निंदनीय है। उनकी जायज मांगों पर सरकार को विचार करना चाहिए।  श्री गर्ग ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर यहां भी पारा शिक्षकों को सम्मान मिलना चाहिए। विकास और विनाश दोनों ही शिक्षकों के द्वारा निर्मित होते हैं। शिक्षकों का सम्मान हमारी प्राचीन परंपरा रही है। अत्यंत कम मानदेय मिलने के बाद भी पारा शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में महती भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान समय मे राज्य के पारा शिक्षकों की स्थिति काफी दयनीय है। लगभग 13-14 वर्षों से समय-समय पर पारा शिक्षकों का आंदोलन भी होते रहे हैं, परंतु कोई भी सरकार इसका समाधान नहीं निकाल पाई।विवश होकर पारा शिक्षक चरणबद्ध आंदोलन को बाध्य हैं। इनकी समस्याओं के लिए राज्य सरकार ने पूर्व में एक कमेटी भी बनाई परंतु आज तक कोई हल नहीं निकल सका।मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास जी के निर्देश पर 9 माह पहले भी एक कमेटी बनाई गई थी। इसमें यह तय हुआ था कि 3 महीने के अंदर पारा शिक्षकों को सरकार बेहतर परिणाम देगी परंतु इस कमेटी द्वारा भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। आज कितना पारा शिक्षक विद्यालय के बाद बाजार में सब्जी तथा ईट बनाने के अलावा अन्य स्वरोजगार के काम कर रहे हैं। अतः सरकार से मेरी यह मांग है कि 68000 पारा शिक्षकों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार का मॉडल लागू करके पारा शिक्षकों का सम्मान कीजिए शिक्षक सम्मान के योग्य है ना कि लाठी के।

                                                                             बंधुवा मजदूर बनाना चाहती है सरकार : आप

मेदिनीनगर। आम आदमी पार्टी के कौशल किशोर बच्चन ने पारा शिक्षकों का समर्थन करते हुए कहा है कि पारा क्षिक्षक द्वारा अपनी मांगो को लेकर किये जा रहे आंदोलन को दबाने के लिए लाठी चार्ज करवाया गया है। यह कहा तक उचित है भाजपा की सरकार कैसा शासन करना चाहती है, ये कैसा राम राज्य है, जहां अपना हक मांगने पर लोगों को लाठी डंडे से पीटा जाए। यह निक्कमी सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए लोगों को पीटवा रही है। रघुवर सरकार पारा शिक्षकों को कमजोर नहीं समझे, यही शिक्षक सता का घमण्ड तोड़ देंगे। पारा शिक्षकों को मजदूरी के हिसाब से मजदूरी नही दी जा रही है और मांगने पर लाठी से पिटवाया जा रहा है। पढ़े-लिखे लोगों को सरकार बंधुआ मजदूर बनाकर रखना चाहती है। 

                                                      तानाशाह रघुवर सरकार को चुनाव में जवाब देगी जनता : बिट्टू

मेदिनीनगर।  पलामू जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बिट्टू पाठक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कल बिरसा मुण्डा जयन्ती एवं झारखण्ड स्थापना दिवस के अवसर पर आंदोलनरत पारा शिक्षकों एवम मीडियाकर्मियों पर रघुवर सरकार द्वारा कराये गए लाठी चार्ज की निंदा करते हुए इसे नाकामी छुपाने का प्रयास बताया है। कहा है कि सैकड़ों पारा शिक्षकों को बर्खास्त करने का आदेश भी निकाला गया है। आंदोलनरत रसोइयों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसका  कांग्रेस घोर निंदा एवम विरोध करती है। उन्होंने कहा है कि रघुवर सरकार में अपनी हक की मांग भी नहीं की जा सकती। यह तानाशाह सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। राज्य की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले विधानसभा चुनाव में यह सरकार को मुंहतोड़ जवाब देगी। 

पारा शिक्षकों को अकेला समझने की भूल नहीं करे सरकार : शिक्षक संघ

मेदिनीनगर।। अखिल झारखण्ड प्राथमिक शिक्षक संघ, पलामू जिला इकाई ने झारखंड स्थापना दिवस पर वाजिब मांग को लेकर रांची पहुंचे निहत्थे पारा शिक्षकों पर सरकार द्वारा करायी गयी लाठीचार्ज एवं अन्य दमनात्मक कार्रवाई की तीव्र भर्त्सना की है। संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर दुबे एवं महासचिव अमरेश सिंह ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि जिन शिक्षकों के कंधों पर प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य निर्माण की महती जवाबदेही है, उन्हें स्थापना दिवस के दिन सम्मानित किया जाना चाहिये था, परन्तु सरकार ने निर्ममतापूर्वक उन्हें न सिर्फ अपमानित किया अपितु लाठी, डंडो आदि से बेरहमी से उनपर हमला किया गया, जो सरकार की संवेदनहीनता एवं शिक्षक विरोधी नीति का ज्वलन्त उदाहरण है। नेताद्वय ने कहा कि सरकार को पारा शिक्षको के साथ बातचीत कर कोई सम्मानजनक हल निकालना चाहिये न कि ताकत के बल पर उन्हें दबाने का प्रयास करना चाहिये। सरकार पारा शिक्षकों को अकेला एवं कमजोर समझने का भ्रम न पाले और अविलंब उनके स्थायीकरण एवं वेतनमान पर निर्णायक कदम उठाए, वरना मजबूर होकर अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ भी उनके आंदोलन में कूद पड़ेगी, जिसके कारण प्रदेश के सभी विद्यालयों में तालाबंदी की नौबत आ जायेगी तथा सरकार को घुटने टेकने को मजबूर होना पड़ेगा। नेताद्वय ने कहा कि जल्द ही संघ के प्रदेश कार्यकारिणी की आपात बैठक आहूत की जा रही है जिसमे शिक्षकों के साथ सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध एवं पारा शिक्षकों के आंदोलन के समर्थन में निर्णायक एवं आंदोलनकारी निर्णय लिया जाएगा।