शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव के क्षेत्र में दर्जनों सरकारी विद्यालयो में ताले लटके रहे



 चिराग तले अंधेरा यह कहावत कोडरमा विधानसभा क्षेत्र में लोगों को सही नजर आ रहा है

                                            कुंडीधनबर पंचायत ने तोड़ा रिकॉर्ड चार सरकारी विद्यालय रहे बंद 

कोडरमा जिला के डोमचांच प्रखंड सहित पूरे जिले में पारा शिक्षकों के आंदोलन पर चले जाने से चरमराई सरकारी शिक्षा व्यवस्था। पारा शिक्षकों के आंदोलन में चले जाने से कोडरमा जिले के अधिकांश सरकारी विद्यालय में ताले लटके रहे विद्यालय में पठन-पाठन के साथ ही साथ एमडीएम भी पूर्णतः बंद रही। डोमचांच प्रखंड के मसमोहना एवं कुंडीधनवार पंचायत के लगभग आधा दर्जन स्कूल में पूर्णतः ताले लटके रहे। पत्रकारों की टीम जब मसमोहना स्थित नव प्राथमिक विद्यालय हरिजन टोला दुलकी नदी पहुंची तो पता चला कि विद्यालय मैं दिन भर ताला बंद रहा। शिक्षा विभाग के द्वारा उक्त विद्यालय में एक भी सरकारी शिक्षक या अन्य किसी की भी नियुक्ति नहीं की गई थी जिसके कारण सारे बच्चे विद्यालय घूम कर चले गए। वही कुंडीधनवार पंचायत में कुल 4 सरकारी विद्यालयों में ताले लटके रहे । एक ही पंचायत में इतने सारे स्कूलों के बंद रहने पर पूरे क्षेत्र में बच्चे शिक्षा से वंचित रहे। कुंडीधनबार में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कुंडीधनबार टाँडपर , नव सृजित प्राथमिक विद्यालय ऊपरबाद कुंडीधनबार , नव सृजीत प्राथमिक विद्यालय कटाही कुंडीधनबार , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय खरपुका नीमाडीह कुंडीधनबार इन चारों स्कूलों में ना तो कोई शिक्षक थे ना ही कोई प्रबंधन समिति के अध्यक्ष या अन्य सदस्य और ना ही शिक्षा विभाग के द्वारा किन्ही शिक्षकों की नियुक्ति इन विद्यालयों में की गई । जिसके कारण इन विद्यालयों में पूर्णतः ताले लटके रहे हैं जिसके कारण पंचायत के सैकड़ों बच्चे स्कूल में पढ़ाई नहीं कर सके। शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण एक ही पंचायत के चार स्कूल बंद रहे जिसके कारण ग्रामीणों में काफी आक्रोश रहा। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे के अभिभावकों ने कहा कि सरकार की मंशा है कि यहां के बच्चों को अनपढ़ रखा जाए। वही झारखंड की रघुवर सरकार कहती है कि हम शत प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने सरकारी विद्यालयों में दे रहे हैं । झारखंड सरकार की शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव के गृह क्षेत्र कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड के मसमोहना एवं कुंडीधनबार पंचायत में इस तरह की व्यवस्था देखने को मिल रही है जिसके कारण लोगों का कहना है कि जब शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र में ऐसा हो रहा है तो झारखंड के हजारों स्कूलों में क्या हो रहा होगा शिक्षा मंत्री के क्षेत्र में इस तरह का घोर अव्यवस्था हो रही है और मंत्री महोदया अपने टूर पर टूर में व्यस्त है उन्हें यहां के स्कूलों में इस तरह की हो रही अव्यवस्था के बारे में कोई चिंता नहीं है तो अन्य लोग क्या करेंगे। पारा शिक्षकों के आंदोलन में चले जाने से पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था तहस-नहस हो गई है बच्चे की पढ़ाई बाधित होने से बच्चे जो थोड़ा बहुत ज्ञान अर्जित कर के रखे थे वह भी चकनाचूर हो जा रहा है और शिक्षा विभाग में बैठे लोग आराम से अपने अपने कार्यालयों में कुर्सियां तोड़ रहे हैं और कागजों पर बता रहे हैं कि पूरे जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है लेकिन हकीकत कुछ और है। सरकारी स्कूलों के इस तरह बंद रहने से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे के अभिभावकों में सरकार एवं प्रशासन के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर शिक्षा व्यवस्था इसी तरह रही तो आम जनता भी सरकार एवं प्रशासन के प्रति आंदोलन करने को बाध्य होंगे।