अध्यात्म मानव जीवन की प्राणवायु: हरिंद्रानन्द

                                                                    अध्यात्म मानव जीवन की प्राणवायु: हरिंद्रानन्द

डालटनगंज, 22 नवम्बर : शिव शिष्य परिवार के आदर्श गुरु भ्राता हरिंद्रानन्द ने संत मरियम आवासीय परिसर में बच्चों के साथ अध्यात्मिक चर्चा की। मौके पर उन्होंने कहा कि शिष्य का मतलब जो अनुशासित होने योग्य हो। उन्होंने कहा कि अध्यात्म मानव जीवन की प्राणवायु है। अध्यात्म के बिना जीवन की परिकल्पना करना भी बेमानी होगी। 

मौके पर विद्यालय के निदेशक अविनाश देव ने कहा कि अध्यात्म से भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता को बढ़ावा मिलता है, जिससे हमारे अंदर संस्कार का सृजन होता है और वही संस्कार हमें अन्य लोगों से विशिष्ट बनाता है। हम चाहते हैं कि अध्यात्म की बदौलत भारत फिर से विश्व गुरु बने। इसी तथ्य को ध्यान में रखकर हम अपने विद्यालय में शिक्षा के साथ दीक्षा दिलवाने का कार्य करते आ रहे हैं। 

मौके पर गुरुभाई अर्चित आनंद, गुरु बहन बरखा दीदी, प्रोफेसर रामेश्वर मंडल तथा अन्य गुरु भाई, गुरु बहनों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों द्वारा गुरु भजन भी प्रस्तुत किया गया। 

मौके पर अमोद सिंह, ओंकार तिवारी, किसलय तिवारी, अमित आनंद, ललन प्रजापति, राम व श्याम, जटाधारी प्रजापति, बाल गोविंद, प्रकाश, कृष्णा दीदी, मंजू दीदी, शीला दीदी, मुनि दीदी, रोहित आदि का नाम उल्लेखनीय है। 


                                                              विस्फोट कर नष्ट किया गया बरामद सिलेंडर बम    

डालटनगंज, 22 नवम्बर: पलामू जिले के सुदूरवर्ती और घोर नक्सल प्रभावित इलाका मनातू थाना क्षेत्र अंतर्गत चक जाने वाले रास्ते उरूर नाला की कच्ची सड़क पर लगाए गए शक्तिशाली सिलेंडर बम को बरामद कर विस्फोट कराकर नष्ट कर दिया गया है। बम को सीआरपीएफ 134 बटालियन के बम निरोधक दस्ता ने बरामद किया और घटनास्थल पर सावधानी के साथ नष्ट कर दिया। 

विदित हो कि बुधवार को बिहार की सीमा से सटे मनातू थाना क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना पर सीआरपीएफ 134 बटालियन के सहायक कमांडेंट संजीत कुमार के नेतृत्व में इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान गुप्त सूचना पर चक जाने वाले रास्ते उरूर नाला की कच्ची सड़क पर लगाए गए शक्तिशाली सिलेंडर बम को बरामद किया गया था। 

बम को नष्ट करने के बाद इस इलाके में नक्सलियों के खिलाफ अभियान को और तेज किया गया है। सीआरपीएफ के अलावा जिला पुलिस को भी इस अभियान में शामिल किया गया है।       

मनातू का चक क्षेत्र बिहार की सीमा से सटता है। यह इलाका लंबे समय से नक्सलियों का पनाहगाह रहा है। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी इस सुनसान और जंगलों से अच्छादित इलाके का इस्तेमाल बिहार की सीमा में दाखिल होने और वहां से पलामू और चतरा क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए करते हैं। कई आपराधिक घटनाओं को भी नक्सलियों ने इस इलाके में अंजाम दिया है।