नीलांबर पितांबर विश्वविद्यालय के एमबीए के फैकल्टी सुमित मिश्रा ने शनिवार 24 नवंबर को रांची विवि के कॉमर्स एवं बिजनेस मैनेजमेंट विभाग द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया जिसका विषय आर्थिक समावेश था।

नीलांबर पितांबर विश्वविद्यालय के एमबीए के फैकल्टी सुमित मिश्रा ने शनिवार 24  नवंबर  को रांची  विवि के कॉमर्स एवं बिजनेस मैनेजमेंट विभाग द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया जिसका विषय आर्थिक समावेश था। इस कांफ्रेंस में देश विदेश से शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित थे । कार्यक्रम में झारखंड की राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुरमू एवं रांची विवि के वी सी एवं रजिस्ट्रार उपस्थित थे। कॉन्फ्रेंस में बतौर वक्ता श्री मिश्रा ने भारत में डिजिटल फाइनेंशियल इंक्लूजन एवं साइबर सिक्योरिटी के सम्मुख अवसर एवं चुनौतियां शीर्षक पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने डिजिटल माध्यम से आर्थिक समावेश के महत्व पर प्रकाश डाला। डिजिटल माध्यम में कंप्यूटर इंटरनेट एवं मोबाइल के उपयोग के द्वारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक सुविधाएं पहुंचाने की बात कही। सरकार की कई योजनाएं जैसे डिजिटल इंडिया जन धन योजना एवं डी मोनेटाइजेशन की उपयोगिता एवं उपलब्धियों पर उत्पन्न हुए अवसर एवं चुनौतियों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। साइबर सिक्योरिटी यानी सूचना प्रौद्योगिकी की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है इस पर भी चर्चा की। ज्ञात हो की श्री मिश्रा ने 10 वर्षों तक कारपोरेट जगत में कई बड़ी कंपनियों  के महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। जिसमें आईसीआईसीआई बैंक, एचएसबीसी बैंक, इंडिया मार्ट आदि प्रमुख हैं । वे अपने क्षेत्र के युवाओं को कॉरपोरेट जगत में काम करने योग्य बनाने में अभिरुचि रखते हैं। अपनी इच्छा से अच्छी नौकरी छोड़ अपने गृह जिला पलामू में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं।