खनिज संपदाओं के समुचित उपयोग के लिए मानव संसाधन का विकास जरूरी: कुलपति

गुणात्मक उच्च शिक्षा एवं झारखंड का औद्योगिक विकास’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू

खनिज संपदाओं के समुचित उपयोग के लिए मानव संसाधन का विकास जरूरी: कुलपति

मेदिनीनगर: नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा ’गुणात्मक उच्च शिक्षा एवं झारखंड का औद्योगिक विकास’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। स्थानीय नगर भवन में आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन आज एनपीविवि के कुलपति डाॅ. एसएन सिंह, पलामू के एसपी इंद्रजीत महथा, रांची विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डाॅ. श्यामली बनर्जी, प्रतिकुलपति डाॅ. पवन कुमार पोद्दार, एनपीविवि के वित्त   सलाहकार कैलाश राम, इंटिरिया विश्वविद्यालय अफ्रीका के डाॅ. रामाशंकर एवं संत जेवियर काॅलेज के डाॅ. हरेश्वर दयाल ने मां सरस्वती एवं अमर शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर  की तस्वीर पर माल्यार्पण के बाद दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलपति डाॅ. सिंह ने कहा कि झारखंड में उपलब्ध खनिज संपदाओं का समुचित उपयोग के लिए मानव संसाधन का विकास आवश्यक है और यह तभी संभव है जब उच्च शिक्षा में गुणात्मक एवं तकनीकी सुधार होगा। अन्य वक्ताओं ने भी शिक्षा में गुणात्मक विकास एवं उत्पादन के साधनों को कुशलतम प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। संगोष्ठी का विषय प्रवेश डाॅ. आरके सिन्हा व संचालन डाॅ. निशा रानी गुप्ता, डाॅ. मनोरमा सिंह तथा डाॅ. विभा शंकर के साथ धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. अनीता सिन्हा ने किया। संगोष्ठी में डाॅ. प्रवीण प्रभाकर, डाॅ. बीडी सिंह, डाॅ. विजय कुमार प्रसाद, डाॅ. अजीत सेठ, डाॅ. विनय कुमार बैठा, प्रो. कुुर्रत उल्लाह, प्रो. अर्जुन प्रसाद, प्रो. उमेश सहाय एवं प्रो. अरून कुमार पाठक समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। इस दो दिवसीय संगोष्ठी में झारखंड के अलावे कई राज्यों से लोग पहुंचे है। यह जानकारी एनपीविवि के मीडिया प्रभारी प्रो. उमेश सहाय ने दी है।

हड़ताली राजस्व उपनिरीक्षकों ने दिया धरना

मेदिनीनगर: नौसूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे राजस्व उपनिरीक्षकों ने आज कचहरी परिसर में धरना दिया। इसकी अध्यक्षता झारखंड राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी ने किया। संघ के सचिव ललित बैठा ने कहा कि सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जायज मांगों को पूरा करे। सुशील तिवारी ने कहा कि सरकार को 7 मार्च 2017 के समझौते पर अमल करना चाहिए। कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हड.ताल चलता रहेगा। अनिल कुमार सिंह ने मांगों को जायज बताया। मौके पर महावीर प्रसाद, प्रमोद कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार, शशि कुमार आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। 

पांकी विधायक ने झामुमो नेता पर किया पलटवार

’चोर मचाये शोर’ की कहावत चरितार्थ कर रहे शशिभूषण: बिट्टू सिंह

मेदिनीनगर: पांकी विधायक देवंेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह ने झामुमो नेता डाॅ. शशिभूषण मेहता पर हमला बोलते हुए उनके खिलाफ लाश की राजनीति करने का आरोप लगाया हैै। कहा है कि डाॅ. मेहता जो खुद हत्या, बालात्कार एवं घोटाले के आरोपी हैं वे दूसरे पर आरोप लगाकर ’चोर मचाये शोर’ की कहावत चरितार्थ कर रहे हैं। विधायक श्री सिंह आज होटल ग्लेक्सी इन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने डाॅ. मेहता द्वारा दीपन मेहता हत्याकांड में उनकी (विधायक की) संलिप्तता से संबंधित अखबार में दिये गए  बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पलामू के जांबाज पुलिस कप्तान पर पूरा भरोसा है। वे दीपन हत्याकांड का अनुसंधान करवा कर हत्या करने एवं करवाने वाले के चेहरे से नकाब हटाकर दूध का दूध व पानी का पानी कर देंगे। विधायक श्री सिंह ने कहा कि डाॅ. मेहता मनातू में घोटाला की बात करते हैं, जबकि रांची यूनीवर्सिटी घोटाला  में वे खुद दोषी हैं और उनके खिलाफ सीबीआई चार्जसीट कर चुकी है। श्री सिंह ने कहा कि जहां तक औकात की बात है तो पांकी की जनता डाॅ. मेहता को पिछले 15 सालों से औकात बताने का काम कर रही है। वे सस्ती लोकप्रियता के लिए अनाप-सनाप बोलते रहते हैं। उन्हेें रतौंधी और दिनौंधी दोनों हो गया हैै। वे दूसरे पर जितना आरोप लगाते हैं उनमें वे खुद संलिप्त पाये जाते हैं। डाॅ. मेहता ने मृतक दीपन मेहता को जेएमएम का सदस्य बताया, लेकिन उसके घर सांत्वना देने भी नहीं गए।